लखनऊ में गोमती का कहर, हनुमान सेतु तक पहुंचा बाढ़ का पानी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात गंभीर होते जा रहे हैं।

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  • October 5, 2026 11:00 pm IST, Published 2 minutes ago

लखनऊ, । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात गंभीर होते जा रहे हैं। नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों के साथ-साथ शहर के प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच गया है। हनुमत धाम/हनुमान सेतु मंदिर परिसर में पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर गोमती रिवरफ्रंट की फूड वैली को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

गोमती का जलस्तर 108.14 मीटर तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जो सामान्य स्तर से करीब 2.44 मीटर यानी लगभग आठ फीट अधिक बताया जा रहा है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों पर दिखाई दे रहा है। फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों में घरों और सड़कों तक पानी पहुंच चुका है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और राहत व्यवस्था तेज कर दी है।

हनुमान मंदिर परिसर तक पहुंचा पानी

गोमती में बढ़ते जलस्तर का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। हनुमत धाम मंदिर परिसर तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ी है। इसके अलावा प्राचीन शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ स्थानों पर पानी का स्तर लगातार बढ़ने से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

हनुमान मंदिर परिसर में पानी पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सामने आ रहे हैं। इससे लोगों में बाढ़ की गंभीरता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की प्राथमिकता अब नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना है।

फूड वैली पर लगी रोक, रिवरफ्रंट भी प्रभावित

गोमती रिवरफ्रंट क्षेत्र में पानी बढ़ने के कारण फूड वैली को फिलहाल आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए यहां प्रवेश रोकना जरूरी समझा गया है। रिवरफ्रंट के कई हिस्सों में पानी पहुंचने के कारण पहले ही लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जा चुकी थी।

फूड वैली और रिवरफ्रंट लखनऊ के प्रमुख मनोरंजन स्थलों में शामिल हैं। सामान्य दिनों में यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।

फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में बढ़ी मुश्किल

गोमती के बढ़ते जलस्तर का सबसे गंभीर असर नदी के आसपास बसे निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। फैजुल्लागंज और आसपास के क्षेत्रों में कई घर पानी से प्रभावित हुए हैं। कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नावों की मदद लेने के साथ राहत शिविरों की व्यवस्था भी की है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं जैसे संवेदनशील लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है।

राहत और बचाव अभियान हुआ तेज

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज किया गया है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। कई स्थानों पर अधिकारियों ने नाव से पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। राहत टीमों को लगातार सक्रिय रहने और लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, जरूरी सामान और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जिन स्थानों पर राहतकर्मी सीधे नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां वैकल्पिक माध्यमों से सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेडिकल किट और क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध करा रही हैं।

कई इलाकों में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

गोमती के उफान का असर केवल नदी किनारे तक सीमित नहीं है। लखनऊ के कई निचले और आसपास के इलाकों में पानी फैल गया है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में परिवारों को अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। पानी बढ़ने से दैनिक जीवन, आवागमन और जरूरी सेवाओं तक पहुंच प्रभावित हुई है।

ऐसे हालात में सबसे बड़ी चुनौती पीने के साफ पानी, दवाओं, भोजन और सुरक्षित आवागमन की बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है।

2006-07 के बाद गंभीर स्थिति की चर्चा

गोमती के मौजूदा जलस्तर ने लखनऊ में पुराने बाढ़ के हालात की यादें भी ताजा कर दी हैं। स्थानीय स्तर पर इसकी तुलना 2006-07 के बाद देखे गए गंभीर जलस्तर से की जा रही है। हालांकि वर्तमान स्थिति का आकलन लगातार जलस्तर और मौसम की परिस्थितियों के आधार पर किया जा रहा है।

नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर है जहां पानी तेजी से फैल सकता है। प्रशासन ने राजस्व, स्वास्थ्य, नगर निगम, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

बाढ़ जैसे हालात के बीच प्रशासन की ओर से आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों के आसपास जाने से बचें। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के आधार पर किसी तरह की अफवाह पर विश्वास करने के बजाय प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

लखनऊ में गोमती का बढ़ता जलस्तर इस समय शहर के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। रिहायशी इलाकों से लेकर धार्मिक स्थलों और रिवरफ्रंट तक पानी पहुंचने के बाद राहत एवं बचाव अभियान महत्वपूर्ण हो गया है। आने वाले समय में जलस्तर की स्थिति पर ही यह निर्भर करेगा कि प्रभावित क्षेत्रों में हालात कितनी जल्दी सामान्य होते हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखना है।

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