छात्रों के भविष्य पर टकराव नहीं, समाधान निकाले सरकार: मायावती

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता होना चाहिए और इसे राजनीतिक टकराव का विषय बनाने से […]

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  • July 23, 2026 1:06 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता होना चाहिए और इसे राजनीतिक टकराव का विषय बनाने से बचना चाहिए।

मायावती ने कहा कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से प्रदर्शन जारी है, जबकि संसद के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सीधा असर डालती हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताएं ऐसे विवादों की मूल वजह हैं। उनके अनुसार, चाहे प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का मामला हो या सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े अन्य विवाद, इन सभी में जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

मायावती ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के सुशासन और संवैधानिक नैतिकता के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।

 

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