ग्रेटर नोएडा: विभिन्न मांगों को लेकर अप्रैल महीने में विपुल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड वर्कशॉप में हुई श्रमिक हिंसा के मामले में सेक्टर-63 कोतवाली पुलिस ने अपनी विवेचना पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है [cite: ग्रेटर नोएडा। विभिन्न मांगों को लेकर अप्रैल में हुई श्रमिक हिंसा के मामले में सेक्टर-63 कोतवाली पुलिस ने विपुल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड वर्कशॉप द्वारा दर्ज कराए प्रकरण में विवेचना पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी।]। पुलिस द्वारा 400 से अधिक पन्नों की इस चार्जशीट में 64 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है, और अदालत द्वारा अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।
सेक्टर-63 कोतवाली पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, 13 अप्रैल की दोपहर करीब 150 से 200 लोगों की उग्र भीड़ विपुल मोटर्स वर्कशॉप पर पहुंची थी [cite: सेक्टर-63 कोतवाली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, 13 अप्रैल की दोपहर करीब 150 से 200 लोगों की भीड़ विपुल मोटर्स वर्कशॉप पर पहुंची थी। आरोप है कि भीड़ ने पहले बाहर पथराव किया और फिर जबरन अंदर घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की तथा सुरक्षा गार्ड को जान से मारने की धमकी दी [cite: आरोप है कि भीड़ ने पहले बाहर पथराव किया और फिर जबरन अंदर घुसकर कर्मचारियों से मारपीट की। सुरक्षा गार्ड को जान से मारने की धमकी भी दी गई।], जिससे वर्कशॉप में अफरा-तफरी मच गई।
हमलावरों ने परिसर में खड़े वाहनों को निशाना बनाया, जिसमें 6 चार पहिया और 6 दोपहिया वाहनों में आग लगा दी गई [cite: बताया कि हमलावरों ने परिसर में खड़े वाहनों को निशाना बनाया। छह चार पहिया और छह दोपहिया वाहनों में आग लगा दी गई।]।
इसके अलावा, 38 अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की गई तथा वर्कशॉप के शीशे, गार्ड रूम और अन्य ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
इस हिंसक घटना के दौरान आसपास की दुकानों और कंपनियों में भी दहशत फैल गई और दुकानदारों ने डर के कारण अपने शटर तुरंत गिरा दिए।
पुलिस ने जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों, पीड़ित कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के साथ ही घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया [cite: सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंचीं और आग पर काबू पाया। विवेचना के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया।]। चार्जशीट में घटनास्थल से लाठी, डंडे, लोहे की सरिया, ईंट-पत्थर, जूते-चप्पल और पेट्रोल की प्लास्टिक बोतलें बरामद करने का उल्लेख है, जिन्हें कोर्ट में पेश कर यह साबित किया गया है कि पूरी वारदात एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई थी पुलिस ने कोर्ट में पेश की चार्जशीट में घटनास्थल से लाठी, डंडे, लोहे की सरिया, ईंट-पत्थर, जूते-चप्पल और पेट्रोल की प्लास्टिक बोतलें भी बरामद करने की बात कही है। इन्हें भी साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस का दावा है कि इन साक्ष्यों से आरोपितों द्वारा साजिश रच कर हिंसक वारदात अंजाम देने की पुष्टि होती है।]।
पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में रोहित, अभय, विशाल, अहमद, ओमप्रकाश, चिराग सक्सेना, संदीप, मोहम्मद अहद, अब्दुल, मनीष कुमार, रंजीत कुमार, कुलदीप, जय प्रकाश, सचिन, ब्रजमोहन, पिंकु, सागर, धीरेंद्र प्रताप, नरेश, विपिन, शिवम, विशाल उर्फ मोंटी, योगेश, मुख्तार, अंकुश, प्रवेंद्र, बशारत, अमन, आदिल, अंशुल, आलोक पांडेय, दीपक, विवेक पांडेय, आशीष, राघवेंद्र, अभिषेक, मनु, शुएब, सोनू, विजय साहू और मयंक तिवारी समेत कुल 64 नाम शामिल हैं पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश चार्जशीट में आरोपितों में रोहित, अभय, विशाल, अहमद, ओमप्रकाश, चिराग सक्सेना, संदीप, मोहम्मद अहद, अब्दुल, मनीष कुमार, रंजीत कुमार, कुलदीप, जय प्रकाश, सचिन, ब्रजमोहन, पिंकु, सागर, धीरेंद्र प्रताप, नरेश, विपिन, शिवम, विशाल उर्फ मोंटी, योगेश, मुख्तार, अंकुश, प्रवेंद्र, बशारत, अमन, आदिल, अंशुल, आलोक पांडेय, दीपक, विवेक पांडेय, आशीष, राघवेंद्र, अभिषेक, मनु, शुएब, सोनू, विजय साहू, मयंक तिवारी समेत 64 नाम शामिल हैं।]।