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जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को नई दिशा और रफ्तार दे रहे आईएएस राकेश कुमार सिंह  

दिल्ली/एनसीआर : राकेश कुमार सिंह, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में एक अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिन्हें बड़े पैमाने की अवसंरचना परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पूर्व में गाजियाबाद, कानपुर और मुरादाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य […]

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  • April 29, 2026 5:28 pm IST, Published 1 hour ago

दिल्ली/एनसीआर : राकेश कुमार सिंह, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में एक अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिन्हें बड़े पैमाने की अवसंरचना परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पूर्व में गाजियाबाद, कानपुर और मुरादाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता और विकासात्मक दृष्टिकोण का परिचय दिया है।

वर्तमान भूमिका में वे YEIDA क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा दे रहे हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में इन दिनों तेज़ी देखने को मिल रही है,। इस बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतिम चरणों के कुशल प्रबंधन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, जिसे एनआईएएल  और YEIDA के सशक्त समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है। और इसके केंद्र में हैं राकेश कुमार सिंह। वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने 1 जुलाई 2025 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यभार संभाला था। वे जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स का सक्रिय रूप से नेतृत्व कर रहे हैं।

उनका प्रमुख लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। इसके साथ ही, वे निवेशकों के साथ पारदर्शी, भरोसेमंद और दीर्घकालिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दे रहे हैं, ताकि क्षेत्र में निवेश का अनुकूल वातावरण बना रहे। उनके नेतृत्व में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है, जिससे YEIDA क्षेत्र को एक आधुनिक, सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जेवर एयरपोर्ट परियोजना को एक नई गति मिली है। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए आर्थिक विकास का एक बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है, और अधिकारियों का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सीईओ के रूप में राकेश कुमार सिंह का फोकस सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संचालन निवेश आकर्षण और औद्योगिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में YEIDA क्षेत्र में कई औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट परियोजना को भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। इस परियोजना के जरिए क्षेत्र में रियल एस्टेट, होटल, ट्रांसपोर्ट और सेवा क्षेत्र में भी व्यापक विकास की संभावना है।

राकेश कुमार सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद से परियोजना की नियमित समीक्षा बैठकों का सिलसिला शुरू किया है। वे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। साथ ही, वे निजी निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ भी लगातार संवाद कर रहे हैं, ताकि इस क्षेत्र को एक वैश्विक बिजनेस हब के रूप में विकसित किया जा सके। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रमुख रूप से दिखाई देती है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना और निर्णय प्रक्रिया को तेज़ बनाना उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण का अहम हिस्सा है। यही वजह है कि कई रुकी हुई परियोजनाएं भी अब पटरी पर लौटती नजर आ रही हैं।

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इसके अलावा, YEIDA के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे उद्योगों को आकर्षित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना इसी गति से आगे बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह क्षेत्र न केवल एक एविएशन हब बनेगा, बल्कि एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में भी उभरेगा। राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में किए जा रहे ये प्रयास स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार की बुनियादी ढांचा विकास योजनाएं अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से साकार हो रही हैं। जेवर एयरपोर्ट परियोजना इसका सबसे प्रमुख उदाहरण बनकर उभर रही है, जो न केवल राज्य के विकास को नई गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक मंच पर भी एक मजबूत पहचान दिलाने की क्षमता रखती है।

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