लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने पुलिस भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी भ्रामक और फर्जी सूचनाओं के प्रसार पर सख्त रुख अपनाते हुए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। बोर्ड का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए गलत जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, यूट्यूब चैनल “Target Selection” पर भर्ती परीक्षा से संबंधित कथित रूप से भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि चैनल के माध्यम से ऐसी सामग्री साझा की गई, जिससे अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
इसके अलावा अलीगढ़ में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड के साथ पकड़ा गया। मामले में हरिओम कुमार नामक परीक्षार्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने में किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं है।

भर्ती बोर्ड ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों को भी गंभीरता से लिया है। इसी क्रम में फेसबुक यूजर तनिष्क चौधरी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि संबंधित अकाउंट से सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती 2025 को लेकर भ्रामक वीडियो और तथ्यहीन सामग्री साझा की गई थी।
वहीं, इंस्टाग्राम पर सक्रिय आईडी “inderjeet_gautam_007” के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित की जा रही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएं भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भर्ती से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों, वीडियो और संदेशों को साझा करने से बचें। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।