मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि रजिस्ट्रार संबंधित अभिलेखों के साथ अदालत में उपस्थित रहें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगली सुनवाई पर किसी प्रकार का स्थगन नहीं दिया जाएगा।
यह मामला आशीष वाखलू द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि मामला वर्ष 2020 से लंबित चला आ रहा है और अब तक इसमें अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों में देरी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसी कारण अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अब इस मामले में 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां अदालत आगे की कार्रवाई तय कर सकती है।