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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, 17,542 करोड़ से बनेंगे चार लिंक एक्सप्रेस-वे

पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से संबंधित विषयों पर भी बैठक में ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार स्टेट लेवल लाइवस्टॉक मिशन (SLM) की व्यवस्था शुरू करने की पहल की गई है। इस राज्यस्तरीय पहल का उद्देश्य प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप पशुधन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के प्रयासों को मजबूत करना है

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  • October 27, 2026 4:20 pm IST, Published 1 hour ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश, सड़क संपर्क और पशुधन विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश में पहली बार स्टेट लेवल लाइवस्टॉक मिशन (SLM) शुरू करने की पहल का भी उल्लेख किया गया। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, निवेश को प्रोत्साहित करना और विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों को अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कैबिनेट ने गौतम बुद्ध नगर में चार औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, 1,925.61 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को प्रोत्साहन देने के लिए दो अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी गई। इन फैसलों को राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन प्रस्तावों का वास्तविक आर्थिक प्रभाव संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निवेश की प्रगति पर निर्भर करेगा।

सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने चार लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के डेवलपर्स के चयन संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इन परियोजनाओं पर कुल 17,542.06 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लिंक एक्सप्रेस-वे के विकास से विभिन्न प्रमुख मार्गों को जोड़ने, यात्रा को सुविधाजनक बनाने और माल ढुलाई की व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय परिवहन को भी लाभ मिल सकता है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के 48,062 शिक्षणेतर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग के 1,22,304 शिक्षणेतर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को भी इस सुविधा के दायरे में लाने का फैसला किया गया। इन दोनों निर्णयों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक बोझ कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। सुविधा के संचालन और पात्रता से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय व्यवस्था के अनुसार लागू होगी।

मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विकास के लिए भी कैबिनेट ने अहम कदम उठाया। ग्राम नौनेर में स्थित 9.524 हेक्टेयर भूमि रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसायटी को निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस भूमि के हस्तांतरण से विद्यालय में कैडेटों के साथ-साथ शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए आवश्यक भवनों तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलने की संभावना है। इससे स्कूल के शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से संबंधित विषयों पर भी बैठक में ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार स्टेट लेवल लाइवस्टॉक मिशन (SLM) की व्यवस्था शुरू करने की पहल की गई है। इस राज्यस्तरीय पहल का उद्देश्य प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप पशुधन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के प्रयासों को मजबूत करना है। पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन है, इसलिए इस क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास से पशुपालकों को लाभ पहुंचाने की संभावनाएं बन सकती हैं।

कैबिनेट के इन फैसलों में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का विस्तार करने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा देने और सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। अब इन प्रस्तावों का लाभ संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए विभागों को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही इन निर्णयों के अपेक्षित परिणाम सामने आ सकेंगे।

 

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