प्रयागराज: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर (CHSL) परीक्षा 2025 में शामिल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने विकल्प एवं पद वरीयता (Option-cum-Preference) भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला किया है। अब उम्मीदवार 25 जून 2026 की रात 11:59 बजे तक अपनी पसंदीदा पोस्ट और विभाग का चयन कर सकेंगे।
इस फैसले से उन हजारों अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा जो अब तक अपनी वरीयताएं दर्ज नहीं कर पाए थे या पहले से भरी गई जानकारी में संशोधन करना चाहते थे। इससे पहले आयोग ने इसके लिए 22 जून को अंतिम तिथि निर्धारित की थी।
एसएससी ने स्पष्ट किया है कि टियर-2 परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवारों के लिए विकल्प एवं पद वरीयता भरना अनिवार्य है। केवल वरीयता का चयन करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उम्मीदवारों को अंतिम रूप से “सबमिट” बटन दबाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसे आगे की चयन प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सीएचएसएल 2025 भर्ती प्रक्रिया के तहत टियर-1 परीक्षा नवंबर 2025 में आयोजित की गई थी, जबकि इसके परिणाम फरवरी 2026 में घोषित किए गए। इसके बाद टियर-2 परीक्षा अप्रैल 2026 में आयोजित हुई। अब आयोग अंतिम परिणाम जारी करने और पद आवंटन की प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है।
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 3,522 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह संख्या प्रारंभिक अधिसूचना में घोषित 3,131 पदों से 391 अधिक है। रिक्तियों में वृद्धि होने से अभ्यर्थियों के चयन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। वर्गवार रिक्तियों की बात करें तो अनारक्षित वर्ग के लिए 1,675 पद, अनुसूचित जाति के लिए 490 पद, अनुसूचित जनजाति के लिए 252 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 768 पद तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 337 पद निर्धारित किए गए हैं।
विभिन्न विभागों में उपलब्ध पदों ने भी अभ्यर्थियों का ध्यान आकर्षित किया है। सीमा सड़क संगठन (BRO), आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, इंटेलिजेंस ब्यूरो, रक्षा लेखा महानियंत्रक, कैंटीन स्टोर्स विभाग और कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स जैसे प्रमुख विभागों में बड़ी संख्या में रिक्तियां उपलब्ध हैं। अंतिम रिक्तियों का विवरण जारी होने के बाद उम्मीदवारों को यह समझने में आसानी हुई है कि किस विभाग में नियुक्ति की संभावना अधिक है।
आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को विशेष सलाह दी है कि वे केवल उन्हीं पदों का चयन करें जो उनकी दिव्यांगता श्रेणी के लिए निर्धारित और उपयुक्त हैं। गलत वरीयता भरने से भविष्य में चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अंतिम तिथि बढ़ने से अभ्यर्थियों को अपने विकल्पों का बेहतर विश्लेषण करने और सोच-समझकर विभाग एवं पद चुनने का अतिरिक्त अवसर मिला है। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपनी वरीयताएं जमा कर दें।