लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के दायरे में आने वाले प्रदेश के आठ जिलों में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने व्यावसायिक वाहनों को सड़क से हटाने और पर्यावरण सुधार के लिए ‘परिवर्तन योजना’ (Parivartan Yojana) की अधिसूचना जारी कर दी है।
उद्देश्य: एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करना और पुराने, अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों की जगह नए बीएस-6 (BS-6) या इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना।
मेरठ
गाजियाबाद
गौतमबुद्धनगर (नोएडा)
मुजफ्फरनगर
शामली
हापुड़
बागपत
बुलंदशहर
वाहन स्क्रैपिंग (Scrapping): बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मानक वाले पुराने ट्रकों और बसों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा।
नए वाहन खरीदने पर लाभ:
100% रोड टैक्स की छूट: नया बीएस-6 या इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर (Road Tax) में पूरी छूट मिलेगी, जो 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी।
रजिस्ट्री फीस माफ: नए वाहनों के पंजीकरण पर लगने वाली रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है।
सेकेंड हैंड वाहन खरीदने पर लाभ:
यदि कोई प्रयुक्त (सेकेंड हैंड) वाहन खरीदता है, तो उसे मोटर वाहन कर (Road Tax) में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, यह भी 10 वर्ष तक प्रभावी होगी।
मुख्य सचिव (परिवहन विभाग) अर्चना अग्रवाल के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एनसीआर क्षेत्र के लिए लागू की गई है।