राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: ट्रस्ट ने दर्ज कराई FIR

चंपत राय के ड्राइवर समेत 8 नामजद, बड़े चेहरों को बचाने के आरोप अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दान में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में आखिरकार 18 दिनों के लंबे इंतजार के बाद पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को अयोध्या […]

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  • June 26, 2026 4:54 am IST, Published 47 minutes ago

चंपत राय के ड्राइवर समेत 8 नामजद, बड़े चेहरों को बचाने के आरोप

अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दान में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में आखिरकार 18 दिनों के लंबे इंतजार के बाद पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को अयोध्या कोतवाली में आधिकारिक FIR दर्ज करा दी है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत और विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत केस दर्ज किया है।

## FIR में चंपत राय का नाम नहीं; विपक्ष ने उठाए सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ यह आया है कि FIR में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है, जबकि सूत्रों और शुरुआती कयासों के मुताबिक SIT की रडार पर ये बड़े नाम भी शामिल थे।

विपक्ष और कई राम भक्तों ने आरोप लगाया है कि इस FIR के जरिए संगठन के बड़े चेहरों को साफ तौर पर बचाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि विवाद बढ़ता देख चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा से पहले ही इस्तीफा लिखवा लिया गया है। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने FIR पर संतोष जताते हुए मांग की है कि जिनका नाम इसमें नहीं है, जांच का दायरा उन तक भी जाना चाहिए।

## ये हैं FIR में नामजद 8 आरोपी

SIT की जांच के बाद दर्ज हुई इस प्राथमिकी में कुल 8 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें चंपत राय का पूर्व ड्राइवर और करीबी सहयोगी भी शामिल है:

  1. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय का करीबी/पूर्व ड्राइवर, जिसके पास दानपात्रों की चाबियां रहती थीं)

  2. लवकुश मिश्रा

  3. अनुकल्प मिश्रा

  4. मनीष यादव

  5. करुणेश पांडे

  6. राम शंकर मिश्रा

  7. सुभाष श्रीवास्तव

  8. अविनाश शुक्ला

कार्रवाई की स्थिति: FIR दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी 5 नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।

## प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक ‘अमीर’ हुए 150 सेवादार

SIT ने अपनी जांच में पाया कि 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही मंदिर के चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हेरफेर शुरू हो गया था। जांच टीम ने करीब 150 ऐसे सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में पिछले कुछ महीनों में अचानक अप्रत्याशित उछाल आया। इनमें से कई लोगों द्वारा महंगी गाड़ियां और संपत्तियां खरीदने की बात भी सामने आ रही है। दानपात्रों को खोलने और रकम की गिनती की मुख्य जिम्मेदारी टिन्नू यादव के पास ही थी।

## सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मियों पर भी गिरेगी गाज

इस FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) की धाराएं जोड़ी गई हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले की आंच सरकारी अमले तक पहुंचेगी। राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती और उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में जमा कराने की प्रक्रिया में ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनकी गिरफ्तारियां जल्द ही संभव हैं।

मुख्यमंत्री का रुख: इससे पहले 19 जून को अयोध्या दौरे के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि SIT जांच के जरिए ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ किया जाएगा और भगवान के घर में डकैती डालने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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