लखनऊ : लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, लेकिन इनमें एक ऐसी प्रेम कहानी भी हमेशा के लिए खत्म हो गई, जिसकी कुछ ही महीनों बाद शादी होने वाली थी। नीलेश कुमार और अनामिका सामंत, जो जल्द ही विवाह के बंधन में बंधने वाले थे, उसी कार्यालय में लगी आग का शिकार हो गए जहां उनकी मुलाकात हुई थी और जहां से उनके प्रेम की शुरुआत हुई थी।
जानकारी के अनुसार, दोनों एक एनिमेशन और ट्रेनिंग सेंटर में काम करते थे। साथ काम करते-करते दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। परिवारों की सहमति मिलने के बाद उनकी सगाई हो चुकी थी और इसी वर्ष दिसंबर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। पिछले सप्ताह ही अनामिका के माता-पिता पश्चिम बंगाल से लखनऊ आए थे और दोनों परिवारों ने विवाह को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं की थीं।
नीलेश अपने करियर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे थे। परिवार के लोगों के अनुसार उन्हें जल्द प्रमोशन और वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद थी। वह शादी और नए घर के लिए पैसे भी बचा रहे थे। रिश्तेदारों ने बताया कि अगले सप्ताह नीलेश के परिवार के सदस्य पश्चिम बंगाल जाकर अनामिका के परिवार से मिलने वाले थे, जिसके लिए ट्रेन टिकट तक बुक हो चुके थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सोमवार को अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। भवन में मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए और कुछ ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग तक लगा दी। राहत एवं बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। घना धुआं पूरी इमारत में भर गया, जिससे दम घुटने की घटनाएं भी सामने आईं। बचाव दल को अंदर पहुंचने के लिए दीवारें तोड़नी पड़ीं। इस त्रासदी ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
नीलेश और अनामिका की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। जिन घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। रिश्तेदारों का कहना है कि कुछ घंटे पहले तक विवाह की तारीख, यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हो रही थी, लेकिन शाम होते-होते सब कुछ बदल गया।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में भवन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कई सवाल उठे हैं। अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सके।
नीलेश और अनामिका की कहानी केवल एक प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि उन हजारों युवाओं के सपनों का प्रतीक थी जो बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। दुर्भाग्य से यह प्रेम कहानी विवाह मंडप तक नहीं पहुंच सकी और उसी स्थान पर समाप्त हो गई जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। यह हादसा हमेशा याद दिलाएगा कि एक पल की लापरवाही कितने परिवारों की खुशियां छीन सकती है।