परीक्षा से पहले दर्दनाक अंत: NEET अभ्यर्थी की मौत ने उठाए कई सवाल

गाजियाबाद: NEET (यूजी) परीक्षा से पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दुखद घटना सामने आई है। 22 वर्षीय छात्र जतिन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और छात्र के मोबाइल फोन […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 20, 2026 4:06 pm IST, Published 2 hours ago

गाजियाबाद: NEET (यूजी) परीक्षा से पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दुखद घटना सामने आई है। 22 वर्षीय छात्र जतिन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और छात्र के मोबाइल फोन से मिले एक वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

जानकारी के अनुसार, विजयनगर क्षेत्र के रहने वाले जतिन कुमार मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहे थे और 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले थे। परिवार के मुताबिक, घटना से एक रात पहले तक वह सामान्य दिखाई दे रहे थे। सुबह जब परिजन उन्हें जगाने पहुंचे तो वह कमरे में मृत अवस्था में मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस को छात्र के मोबाइल फोन से एक वीडियो मिला है, जिसे कथित तौर पर घटना से पहले रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में छात्र अपने कमरे का दृश्य दिखाता नजर आ रहा है। साथ ही उसने यह भी कहा कि वह किसी बाहरी दबाव में नहीं है और परीक्षा को लेकर भी उस पर कोई विशेष तनाव नहीं था। हालांकि, जांच एजेंसियां वीडियो के हर पहलू का विश्लेषण कर रही हैं ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों को समझा जा सके।

परिजनों के अनुसार, जतिन परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। उसकी एक छोटी बहन भी पढ़ाई कर रही है। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और फिलहाल किसी भी प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी से बच रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चर्चा की जरूरत की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक मार्गदर्शन ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। परिवार, शिक्षकों और समाज की भूमिका ऐसे समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

Advertisement