UP IAS Transfer: 20 अफसरों का तबादला, कई जिलों में नई तैनाती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 20 अधिकारियों के तबादले करते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में चिकित्सा शिक्षा, संस्कृति, श्रम, […]

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  • July 10, 2026 1:00 pm IST, Published 49 minutes ago

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 20 अधिकारियों के तबादले करते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में चिकित्सा शिक्षा, संस्कृति, श्रम, ऊर्जा, ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला एवं बाल विकास, नियोजन तथा राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। साथ ही कई जिलों में नए मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) की नियुक्ति कर विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया गया है।

राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शासन का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।

सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार आईएएस सुधा वर्मा को उत्तर प्रदेश का श्रमायुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. सारिका मोहन को नियोजन विभाग का महानिदेशक बनाया गया है। आईएएस नेहा शर्मा को चिकित्सा शिक्षा विभाग में सचिव के साथ-साथ महानिदेशक (DG) चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट वर्तमान में प्रगति पर हैं।

ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से आईएएस अरविंद कुमार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का मिशन निदेशक बनाया गया है। वहीं जे. रीभा को अपर निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

संस्कृति विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दीपा रंजन को विशेष सचिव, संस्कृति विभाग बनाया गया है। वहीं संजय कुमार सिंह-1 को धर्मार्थ कार्य विभाग के निदेशक के साथ-साथ संस्कृति विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विशाल सिंह को सूचना विभाग के निदेशक पद से हटाकर संस्कृति विभाग में विशेष सचिव एवं निदेशक का दायित्व सौंपा गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग में निधि कुमारी को विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं रेनू तिवारी को राज्य महिला आयोग के सचिव पद से हटाकर विशेष सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग नियुक्त किया गया है। यह विभाग प्रदेश में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ऊर्जा विभाग में भी बदलाव करते हुए संदीप भागिया को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक (MD) बनाया गया है। वहीं अमित खरे को अपर आयुक्त, राज्य कर, गौतमबुद्ध नगर की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार ने कई जिलों में नए मुख्य विकास अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। राकेश कुमार पटेल को आजमगढ़ का मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है। आलोक कुमार को बलिया का मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि संजय कुमार सिंह को इटावा का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से जिलों में विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

इसके अलावा जग प्रवेश को विशेष सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बनाया गया है। ओजस्वी राज को मथुरा-वृंदावन नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं अजय कुमार गौतम को अपर आयुक्त, राज्य कर, गाजियाबाद प्रथम बनाया गया है। मणिकंदन ए. को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासनिक हलकों में इस व्यापक फेरबदल को सरकार की कार्यशैली में सुधार और प्रशासनिक मशीनरी को अधिक परिणामोन्मुख बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के तबादले से शासन व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है और विभागों में जवाबदेही बढ़ती है। नई तैनातियों के बाद अब सभी अधिकारियों के सामने अपनी नई जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी।

राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, विकास योजनाओं की बेहतर निगरानी और जनता तक सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाना है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद विभिन्न विभागों और जिलों में प्रशासनिक कार्यों की गति पर विशेष नजर रहेगी। माना जा रहा है कि यह फेरबदल प्रदेश में विकास कार्यों और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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