देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी ने देश में अराजकता का माहौल बनाने और व्यवस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ अभियान’ चलाएगी। उत्तराखंड में इस अभियान की जिम्मेदारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में निभाई जाएगी। पार्टी की ओर से अभियान के तहत अलग-अलग चरणों में कार्यक्रम, जनसंपर्क और पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने राजनीतिक हितों के लिए देश की व्यवस्थाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया है। धामी के मुताबिक, भाजपा इस अभियान के माध्यम से कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की नीतियों तथा बयानों को जनता के सामने रखेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। इन दोनों चरणों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ता लोगों से संपर्क करेंगे और अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देंगे। भाजपा का लक्ष्य इस कार्यक्रम के जरिए अपने राजनीतिक संदेश को व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाना है। अभियान के तहत प्रदेश में कई बड़े कार्यक्रम भी निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, 31 अक्टूबर को श्रीनगर में पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को देहरादून में बड़ी पदयात्रा निकाली जाएगी, जबकि 3 नवंबर को रुद्रपुर में कार्यक्रम होगा।
इन आयोजनों में भाजपा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी की संभावना है। पार्टी इन कार्यक्रमों के माध्यम से अपने संगठन को सक्रिय करने और जनता के बीच राजनीतिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की कोशिश करेगी। धामी ने कहा कि अभियान के जरिए कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों के उन बयानों तथा दावों का जवाब दिया जाएगा, जिन्हें भाजपा गलत या भ्रामक मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीति से देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं। भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और अपने पक्ष को प्रस्तुत करेगी। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने के बाद ही दोनों पक्षों का विस्तृत रुख सामने आएगा।
राजनीतिक दृष्टि से इस अभियान को भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। पदयात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। उत्तराखंड में श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर जैसे स्थानों पर होने वाले कार्यक्रम अभियान को सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में चलने वाले इस अभियान की सफलता काफी हद तक कार्यकर्ताओं की भागीदारी और जनसंपर्क कार्यक्रमों पर निर्भर करेगी। निर्धारित कार्यक्रमों के दौरान पार्टी अपने मुद्दों को लोगों के सामने रखेगी और विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने की रणनीति अपनाएगी।
मुख्यमंत्री धामी की प्रेस वार्ता के बाद उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। भाजपा जहां अभियान के माध्यम से कांग्रेस पर सवाल उठाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष की प्रतिक्रिया भी आगे की राजनीतिक चर्चा को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल, अभियान की शुरुआत के साथ प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।