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हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की मौत, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला

हरिद्वार: नोएडा के बहुचर्चित निठारी हत्याकांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की उत्तराखंड के हरिद्वार में मौत की खबर सामने आने के बाद पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भूपतवाला इलाके में शुक्रवार को एक चाय की दुकान के भीतर उसका शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलने के […]

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  • September 18, 2026 1:54 pm IST, Published 36 minutes ago
हरिद्वार: नोएडा के बहुचर्चित निठारी हत्याकांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की उत्तराखंड के हरिद्वार में मौत की खबर सामने आने के बाद पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भूपतवाला इलाके में शुक्रवार को एक चाय की दुकान के भीतर उसका शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह शहर कोतवाली क्षेत्र में अपनी चाय की दुकान चलाकर जीवन गुजार रहा था। इसी दुकान के अंदर उसका शव मिलने की सूचना सामने आई। घटना के बाद आसपास के इलाके में भी लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या रही, इसे लेकर फिलहाल जांच जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।

सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के बाद देशभर में सुर्खियों में आया था। नोएडा के निठारी इलाके में बच्चों और महिलाओं के लापता होने तथा हत्या से जुड़े मामलों की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था। मामले की जांच और उसके बाद चली लंबी कानूनी प्रक्रिया ने इस घटना को देश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल कर दिया था। निठारी मामले में सुरेंद्र कोली के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। विभिन्न मामलों में अदालतों में लंबे समय तक सुनवाई चली और कई मामलों में उसे दोषी ठहराया गया। बाद में इन मामलों को लेकर उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई जारी रही।

सुरेंद्र कोली की कानूनी स्थिति में भी पिछले वर्षों में बड़ा बदलाव आया था। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में निठारी कांड से जुड़े लंबित अंतिम मामले में भी उसे बरी कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद उसके खिलाफ इस मामले में लंबित कानूनी स्थिति समाप्त हो गई थी। इसके बाद वह हरिद्वार में रह रहा था। अब उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद निठारी कांड से जुड़ी पुरानी घटनाएं फिर चर्चा में हैं। हालांकि, वर्तमान घटना और उसके पुराने आपराधिक मामलों को सीधे तौर पर जोड़ने से पहले पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।

हरिद्वार पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरेंद्र कोली की मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, आसपास की जानकारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर सकती है कि घटना से पहले उसकी गतिविधियां कैसी थीं और क्या किसी अन्य व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका थी। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल है। जिस दुकान में सुरेंद्र कोली का शव मिला, वह भूपतवाला क्षेत्र में स्थित बताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और घटना से संबंधित जानकारी एकत्र की।

फिलहाल मौत को लेकर सामने आई शुरुआती जानकारी के आधार पर कई तरह की बातें कही जा रही हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस की ओर से घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

निठारी कांड के कारण लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत ने एक बार फिर उस पुराने मामले की यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि, वर्तमान घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।

 

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