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11 साल बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव: 1.23 लाख नए पदों का प्रस्ताव

माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय बाद स्टाफिंग पैटर्न को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। करीब 11 वर्षों के अंतराल के बाद विभाग ने कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करते हुए नए स्टाफिंग पैटर्न का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो विभाग में पदों की संख्या […]

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  • July 5, 2026 12:46 pm IST, Published 2 hours ago

माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय बाद स्टाफिंग पैटर्न को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। करीब 11 वर्षों के अंतराल के बाद विभाग ने कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करते हुए नए स्टाफिंग पैटर्न का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो विभाग में पदों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और भविष्य में बड़े पैमाने पर भर्तियों की संभावना बन सकती है।

प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में विभाग में 3,92,431 स्वीकृत पद हैं, जबकि नए आकलन में 5,15,617 पदों की आवश्यकता बताई गई है। इसका मतलब है कि विभाग में 1,23,186 अतिरिक्त पद सृजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह मौजूदा स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग 32 प्रतिशत अधिक है।

शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती छात्र संख्या, नए विद्यालयों का संचालन, प्रशासनिक जरूरतें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टाफिंग पैटर्न को अपडेट किया जा रहा है।

गौरतलब है कि विभाग में पिछली बार वर्ष 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था। इसके बाद शिक्षा व्यवस्था और विभागीय कार्यों में कई बदलाव आए, लेकिन कर्मचारियों के पदों की समीक्षा नहीं हुई। अब नए प्रस्ताव के जरिए वर्तमान जरूरतों के अनुरूप पदों का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अतिरिक्त पदों का प्रस्ताव तैयार होने का मतलब तत्काल भर्ती नहीं है। पहले सरकार से इस स्टाफिंग पैटर्न को मंजूरी मिलेगी, इसके बाद नए पदों का सृजन और फिर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बनेगी।

यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो यह बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। खासकर शिक्षक, लिपिकीय और अन्य शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक पदों पर भविष्य में रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं।

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