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काशीवासियों को बड़ी सौगात, बाबा विश्वनाथ दर्शन के लिए अलग प्रवेश

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने काशीवासियों को बड़ी राहत देते हुए बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर अहम फैसला लिया है। अब वाराणसी के स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश का अलग मार्ग निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय लोगों को लंबी कतारों से […]

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  • July 8, 2026 1:12 pm IST, Published 4 hours ago

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने काशीवासियों को बड़ी राहत देते हुए बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर अहम फैसला लिया है। अब वाराणसी के स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश का अलग मार्ग निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय लोगों को लंबी कतारों से राहत देना और उन्हें सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है, जिससे काशी के निवासियों को प्रतिदिन बिना अनावश्यक भीड़ का सामना किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

नई व्यवस्था के अनुसार स्थानीय श्रद्धालु काशी द्वार (गेट 4B) से प्रवेश कर सकेंगे। यह सुविधा प्रतिदिन सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक उपलब्ध रहेगी। प्रवेश के समय श्रद्धालुओं को अपना स्थानीय पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सामान्य दिनों में लागू रहेगी, जबकि विशेष पर्व, त्योहारों और अत्यधिक भीड़ वाले अवसरों पर इसे अस्थायी रूप से स्थगित किया जा सकता है।

स्थानीय श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा लाभ

काशी विश्वनाथ धाम देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को भी अक्सर लंबी कतारों में लगना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने से वाराणसी के स्थायी निवासियों को दर्शन के लिए अलग प्रवेश मार्ग मिलेगा, जिससे उनका समय बचेगा और मंदिर परिसर में भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि अलग प्रवेश मार्ग बनने से स्थानीय श्रद्धालुओं और बाहरी यात्रियों दोनों को सुविधा मिलेगी। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

पहचान पत्र दिखाना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था का लाभ केवल वाराणसी के स्थानीय निवासियों को मिलेगा। इसके लिए श्रद्धालुओं को प्रवेश के समय अपना वैध स्थानीय पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। पहचान सत्यापित होने के बाद ही उन्हें निर्धारित प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पहचान पत्र साथ लेकर ही मंदिर आएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की गई है।

पर्व और त्योहारों पर लागू नहीं होगी सुविधा

मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष सुविधा सामान्य दिनों के लिए है। महाशिवरात्रि, सावन, देव दीपावली, श्रावण सोमवार, कार्तिक पूर्णिमा और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर में अत्यधिक भीड़ रहती है। ऐसे अवसरों पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए अलग प्रवेश व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी।

इस दौरान सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित सामान्य व्यवस्था ही लागू रहेगी। पर्वों के समय विशेष सुरक्षा योजना और बैरिकेडिंग के माध्यम से दर्शन कराए जाएंगे।

भीड़ प्रबंधन होगा बेहतर

काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। छुट्टियों और सप्ताहांत में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। अलग प्रवेश व्यवस्था लागू होने से मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु होगी, सुरक्षा एजेंसियों को भीड़ नियंत्रित करने में आसानी होगी तथा मंदिर परिसर में अव्यवस्था की संभावना कम होगी।

पर्यटन और धार्मिक व्यवस्था को मिलेगा बल

उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से काशी विश्वनाथ धाम में सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। धाम कॉरिडोर बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बेहतर यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाओं के साथ अब स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था को भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस फैसले से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बाहरी राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

प्रशासन ने जारी की अपील

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, पहचान पत्र साथ रखें तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी दिन विशेष धार्मिक आयोजन या सुरक्षा कारणों से व्यवस्था में बदलाव किया जाता है, तो इसकी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से पहले ही उपलब्ध करा दी जाएगी।

प्रशासन ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा आवश्यकता के अनुसार भविष्य में व्यवस्था में और सुधार किए जा सकते हैं।

योगी सरकार का यह निर्णय काशी के स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अलग प्रवेश मार्ग की व्यवस्था से उन्हें बाबा विश्वनाथ के दर्शन अधिक सहज और कम समय में करने का अवसर मिलेगा। साथ ही मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हालांकि विशेष पर्व और त्योहारों के दौरान यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, लेकिन सामान्य दिनों में यह पहल लाखों स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।

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