नई दिल्ली: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी तट तक झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का यह सिलसिला बना रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। कई नदियां उफान पर हैं, और नासिक में पवित्र गोदावरी नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है।
यातायात ठप: मुंबई में मूसलाधार बारिश के चलते लोकल ट्रेन सेवाएं और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पालघर के वसई-विरार क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनें भी बाधित हुई हैं।
जान-माल का नुकसान: रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून को मानसून सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक मवेशियों की जान गई है। पालघर का एक झकझोर देने वाला वीडियो सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने घर के दरवाजे को स्ट्रेचर बनाकर घुटनों से गहरे पानी के बीच एक गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
अति भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक): पिछले 24 घंटों में कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है, साथ ही तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं भी हुई हैं।
बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, बिहार, मेघालय और त्रिपुरा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है।
इन राज्यों में भी चेतावनी: दिल्ली, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, केरल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे आम जनमानस को बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन शहरी इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़कों पर पानी भरने से बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ गई है। कई जगहों पर सड़कें धंसने और घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम में फंसे रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।