लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को भीषण गर्मी एवं उमस से राहत मिली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बुधवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर, झांसी, बस्ती, आजमगढ़, बलिया, मऊ और गाजीपुर सहित कई जिलों में भी बादल छाए रहे और अनेक स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। लगातार हो रही वर्षा से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर प्रदेश में बारिश का यह दौर अगले चार दिनों तक जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से धान, मक्का, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।
राजधानी लखनऊ में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव देखने को मिला, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात भी कई स्थानों पर प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं ताकि भारी बारिश के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में जाने या बिजली के खंभों के पास रुकने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लगातार बारिश के दौरान स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय रहेगा। इसके चलते अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ेगा। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है।
हालांकि लगातार और अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
प्रदेश में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना बना रहने की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार नए अलर्ट जारी करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी है।