कडप्पा में कोविड से मौत: आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में 46 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल में 4 दिन के इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: राज्य के दो जिलों (कडप्पा और तिरुपति) में 5 नए सक्रिय मामले सामने आने के बाद मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर (DME) ने सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, आईसीयू, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
एहतियाती कदम: प्रभावित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, सैनिटाइजेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेजी से की जा रही है।
आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोविड-19 से एक 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। संक्रमण के चलते उनके फेफड़े गंभीर रूप से प्रभावित हो गए थे। मरीज को पिछले महीने वेल्लोर के प्रतिष्ठित सीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चार दिनों तक चले इलाज के बाद उनकी स्थिति संभल नहीं सकी।
घटना के तुरंत बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने एहतियात बरतते हुए संबंधित इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। मरीज के संपर्क में आए सभी संदिग्धों की ट्रेसिंग की जा रही है और पूरे क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस एक मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान कडप्पा और तिरुपति जिलों में 5 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर (DME) ने राज्य के तमाम सरकारी अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों से आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, आवश्यक दवाइयां, रैपिड टेस्ट किट, एंबुलेंस सेवाओं और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता का पूरा ब्यौरा मांगा गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2022 के अंत तक भारत में कोविड-19 से आधिकारिक तौर पर लगभग 5.3 लाख मौतें दर्ज की गई थीं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी अनुमानित आंकड़ों के अनुसार महामारी के कारण भारत में लगभग 47 लाख मौतें होने की आशंका जताई गई थी। वहीं, वैश्विक स्तर पर 2022 के अंत तक लगभग 66 से 67 लाख आधिकारिक मौतें दर्ज की जा चुकी थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) के हजारों वैरिएंट सामने आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इनमें से कुछ बेहद संक्रामक और महत्वपूर्ण वैरिएंट्स को विशेष श्रेणियों में रखा है, जिनमें अल्फा (Alpha), बीटा (Beta), गामा (Gamma), डेल्टा (Delta) और ओमिक्रॉन (Omicron) प्रमुख हैं। इसके अलावा, ओमिक्रॉन के भी कई नए सब-वैरिएंट्स जैसे JN.1, XFG और NB.1.8.1 समय-समय पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज किए गए हैं।