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राम मंदिर दान चोरी केस में नया मोड़, महंत ने चंपत राय का किया बचाव

अयोध्या। राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के बीच अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद लगातार सवालों के घेरे में रहे चंपत राय के समर्थन में महंत कमलनयन दास खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि […]

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  • July 12, 2026 5:00 pm IST, Published 2 hours ago

अयोध्या। राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के बीच अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद लगातार सवालों के घेरे में रहे चंपत राय के समर्थन में महंत कमलनयन दास खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय पूरी तरह निर्दोष हैं और उनके साथ विश्वासघात किया गया है। महंत के इस बयान ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।

महंत कमलनयन दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राम मंदिर निर्माण और राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए चंपत राय ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राष्ट्र, समाज और सनातन धर्म की सेवा में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे व्यक्ति पर बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में चंपत राय किसी भी प्रकार से दोषी नहीं हैं, बल्कि कुछ लोगों ने उनके विश्वास का गलत फायदा उठाया। महंत ने कहा कि जिन लोगों पर भरोसा किया गया, उन्हीं लोगों ने विश्वासघात किया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

आठ आरोपी जेल में, जांच जारी

राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और न्यायालय से उनकी कस्टडी रिमांड भी पूरी हो चुकी है। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर धन के लेन-देन, चोरी की योजना और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की गतिविधियों और व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिला है। लगातार पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

महंत बोले- चंपत राय का कोई दोष नहीं

महंत कमलनयन दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चंपत राय के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से समाज सेवा और मंदिर निर्माण में लगे व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर किसी कर्मचारी या सहयोगी ने गलत काम किया है तो उसकी जिम्मेदारी व्यक्तिगत होगी। इससे चंपत राय की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। महंत ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पीएम मोदी और सीएम योगी पर जताया भरोसा

महंत कमलनयन दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता ईमानदार हैं और उनके नेतृत्व में किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच संभव है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शेगी नहीं और निर्दोष व्यक्ति को न्याय अवश्य मिलेगा। इसलिए पूरे मामले पर राजनीति करने या अफवाह फैलाने से बचना चाहिए।

‘ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए’

महंत ने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा कि मंदिर जैसी आस्था के केंद्र में इस प्रकार की घटना समाज के लिए पीड़ादायक है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को और मजबूत किया जाना चाहिए। मंदिर प्रशासन को भी पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में लगातार कदम उठाने चाहिए।

मामले पर देशभर की नजर

राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान से जुड़े किसी भी मामले को लेकर लोगों की संवेदनाएं स्वाभाविक रूप से जुड़ी रहती हैं। यही वजह है कि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

जांच पूरी होने तक इंतजार जरूरी

इस पूरे प्रकरण में अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं। एक ओर जांच एजेंसियां अपने स्तर पर साक्ष्य जुटा रही हैं तो दूसरी ओर धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऐसे में किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक होगा।

राम मंदिर दान चोरी मामले में महंत कमलनयन दास का यह बयान निश्चित रूप से बहस को नया आयाम देता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में आगे कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और कानून के अनुसार दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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