• होम
  • देश
  • मणिपुर हिंसा फिर भड़की, मैतेई समुदाय के 6 घरों में आग

मणिपुर हिंसा फिर भड़की, मैतेई समुदाय के 6 घरों में आग

इंफाल: मणिपुर में एक बार फिर जातीय तनाव ने हिंसक रूप ले लिया है। राज्य के इंफाल वेस्ट जिले में मैतेई समुदाय के छह खाली पड़े घरों में आग लगा दिए जाने की घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और हिंसा फैलाने के […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 12, 2026 3:00 pm IST, Published 1 minute ago

इंफाल: मणिपुर में एक बार फिर जातीय तनाव ने हिंसक रूप ले लिया है। राज्य के इंफाल वेस्ट जिले में मैतेई समुदाय के छह खाली पड़े घरों में आग लगा दिए जाने की घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और हिंसा फैलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया, जबकि स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार दोपहर इंफाल वेस्ट जिले के कांटो साबल इलाके में हुई। यह क्षेत्र लेइमाखोंग आर्मी कैंप के पास स्थित है। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने कथित तौर पर खाली पड़े घरों में आग लगा दी। बताया जा रहा है कि ये मकान वर्ष 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से खाली पड़े थे।

प्रदर्शन के दौरान भड़की घटना

प्रशासन के अनुसार पड़ोसी कांगपोकपी जिले से आए लोगों का एक समूह अंतर-जिला आर्थिक नाकेबंदी के विरोध में रैली निकाल रहा था। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने मौके का फायदा उठाते हुए छह मकानों को आग के हवाले कर दिया। आग लगने के बाद आसपास के गांवों में तनाव बढ़ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक अधिकांश मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे।

दो आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जांच एजेंसियां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि घटना के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

हिंसा की आशंका को देखते हुए पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा न करने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

2023 की हिंसा के बाद खाली पड़े थे मकान

बताया जा रहा है कि जिन छह मकानों में आग लगाई गई, वे वर्ष 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से खाली पड़े थे। उस समय राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसके कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी। इसके बाद से कई गांव अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में शांति बहाली के प्रयासों के बावजूद समय-समय पर होने वाली ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द और सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

सरकार और प्रशासन सतर्क

राज्य सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा है। प्रशासन ने स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी तैनात किए जा सकते हैं।

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी लोगों से संयम बरतने तथा शांति बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और सभी पक्षों को बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

मणिपुर में एक बार फिर हुई आगजनी की इस घटना ने राज्य में शांति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के बाद घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल सुरक्षा बल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके और प्रदेश में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

Advertisement