बदरीनाथ धाम दान हेराफेरी मामला

 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने पर उठे बड़े सवाल, एसआईटी की जांच तेज गोपेश्वर (चमोली): बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की हेराफेरी के मामले में विभागीय जांच पूरी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि मंदिर से 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज कैसे डिलीट हो गई। बदरी-केदार मंदिर […]

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  • July 13, 2026 8:26 am IST, Published 2 hours ago

 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने पर उठे बड़े सवाल, एसआईटी की जांच तेज

गोपेश्वर (चमोली): बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की हेराफेरी के मामले में विभागीय जांच पूरी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि मंदिर से 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज कैसे डिलीट हो गई। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने दावा किया था कि उनके पास 45 दिन की फुटेज सुरक्षित है, लेकिन जांच टीम को केवल 13 दिन की ही फुटेज मिल पाई है। इस खुलासे के बाद कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं।

सीसीटीवी फुटेज और हेराफेरी के खुलासे

एसआईटी की जांच और दायरा

  • जांच के दायरे में अन्य लोग: एसआईटी (SIT) ने रविवार को मंदिर से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और गणना के दौरान मौजूद लोगों को चिह्नित किया है। इसके साथ ही, लगभग एक दर्जन अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें कुछ श्रद्धालु और साधु-संत भी शामिल हैं।

  • दस्तावेजों का अध्ययन: मंदिर समिति ने एसआईटी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, जिनका बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।

  • पुलिस का बयान: चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि एसआईटी आरोपी प्रमोद नौटियाल की गतिविधियों और बदरीनाथ स्थित उसके आवास पर नजर रख रही है। अभिलेखों के अध्ययन के बाद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और साक्ष्य जुटाने का काम जारी है, और इसके लिए विभागीय जांच की रिपोर्ट भी मांगी गई है।

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