जलस्तर बढ़ा तो गाजीपुर से वाराणसी रवाना हुआ मालवाहक पोत

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कालूपुर गंगा तट के पास पिछले करीब एक महीने से फंसा मालवाहक जलपोत आखिरकार सोमवार को सुरक्षित रूप से वाराणसी के लिए रवाना हो गया। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने और विशेष ड्रेजिंग अभियान पूरा होने के बाद जलपोत को नदी के मुख्य मार्ग में वापस लाया गया। […]

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  • July 13, 2026 5:33 pm IST, Published 2 hours ago

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कालूपुर गंगा तट के पास पिछले करीब एक महीने से फंसा मालवाहक जलपोत आखिरकार सोमवार को सुरक्षित रूप से वाराणसी के लिए रवाना हो गया। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने और विशेष ड्रेजिंग अभियान पूरा होने के बाद जलपोत को नदी के मुख्य मार्ग में वापस लाया गया। इस सफलता को अंतर्देशीय जल परिवहन के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।

यह जलपोत कोलकाता से वाराणसी की ओर जा रहा था, लेकिन गाजीपुर के पास नदी में जलस्तर कम होने और रेत के जमाव के कारण बीच धारा में फंस गया था। घटना के बाद भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने स्थिति का आकलन करते हुए नदी का मार्ग साफ कराने के लिए विशेष अभियान शुरू किया।

पिछले सप्ताह से कटर सक्शन ड्रेजर मशीन की मदद से नदी की तलहटी में जमा रेत हटाने और नौवहन मार्ग को गहरा करने का कार्य लगातार किया गया। कई दिनों की ड्रेजिंग और जलस्तर में सुधार के बाद जलपोत को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली। फिलहाल एक ड्रेजर मशीन जलपोत के साथ एस्कॉर्ट के रूप में चल रही है, ताकि रास्ते में आने वाली रेत या अन्य बाधाओं को समय रहते हटाया जा सके और यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी हो।

जानकारी के अनुसार, यह मालवाहक जलपोत लगभग 55 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा और करीब 300 टन वजनी है। इसमें लगभग आधा दर्जन क्रू सदस्य सवार हैं। इसे वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लोटिंग जेट्टी परियोजना से जुड़े कार्यों के लिए भेजा जा रहा है, जहां इसकी आवश्यकता बताई गई है।

इस घटना ने राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा जलमार्ग) की नौवहन व्यवस्था और ड्रेजिंग प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। नियमित ड्रेजिंग और जलमार्ग की निगरानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनें। विशेष रूप से ऐसे समय में, जब गंगा जलमार्ग को माल परिवहन और पर्यटन के लिए अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

आगामी महीनों में विदेशी पर्यटकों को लेकर लक्जरी क्रूज गंगा विलास के भी इसी मार्ग से गुजरने की योजना है। ऐसे में जलमार्ग का सुचारु और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस घटना के बाद संबंधित एजेंसियां नदी के विभिन्न हिस्सों में जलस्तर और नौवहन मार्ग की नियमित निगरानी पर भी जोर दे रही हैं।

 

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