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लॉर्ड्स पर गूंजा भारत का विजयगान, महिला टीम ने रचा स्वर्णिम इतिहास

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन के विशाल अंतर से हराकर न केवल पहला महिला टेस्ट जीतने का गौरव हासिल किया, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के […]

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  • July 13, 2026 6:17 pm IST, Published 50 minutes ago

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन के विशाल अंतर से हराकर न केवल पहला महिला टेस्ट जीतने का गौरव हासिल किया, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम अध्याय में एक नई उपलब्धि भी जोड़ दी।

लॉर्ड्स पर महिला टेस्ट क्रिकेट का यह पहला मुकाबला था और भारतीय टीम ने इसे अपने नाम कर इतिहास में स्थायी जगह बना ली। 142 वर्षों के क्रिकेट इतिहास में पहली बार इस मैदान पर महिला टेस्ट खेला गया और भारत इसकी पहली विजेता टीम बन गई।

मैच की शुरुआत भारत की पहली पारी से हुई, जिसमें टीम ने 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली, जिसने मुकाबले का रुख काफी हद तक तय कर दिया।

दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक और संतुलित बल्लेबाजी करते हुए 341 रन पर पारी घोषित की। इसके साथ ही इंग्लैंड के सामने 457 रन का बेहद कठिन लक्ष्य रखा गया। चौथी पारी में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था और भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। इंग्लैंड की टीम तीसरे दिन ही मुश्किल में आ गई, जब उसके शुरुआती पांच विकेट मात्र 59 रन पर गिर गए। हालांकि एमी जोन्स और सोफी एक्लेस्टोन ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक लगाए और कुछ समय तक मैच को आगे बढ़ाया, लेकिन भारतीय गेंदबाजी के सामने उनकी कोशिश ज्यादा देर टिक नहीं सकी।

पूरी इंग्लिश टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 270 रन से शानदार जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत में युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच में कुल सात विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। पहली पारी में उनका पांच विकेट लेना भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि वह लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज बन गईं।

वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला टेस्ट शतक था। साथ ही वह लॉर्ड्स के महिला टेस्ट इतिहास में शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज भी बन गईं। उनकी पारी ने भारत की बढ़त को निर्णायक बढ़त में बदलने का काम किया।

स्पिनर स्नेह राणा ने भी पूरे मैच में छह विकेट लेकर गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी। तेज और स्पिन गेंदबाजों के बेहतरीन तालमेल ने इंग्लैंड को पूरे मुकाबले में वापसी का मौका नहीं दिया।

इस जीत की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि इसी दौरे पर भारतीय पुरुष टीम को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में निराशा मिली थी। ऐसे में महिला टीम की यह ऐतिहासिक सफलता भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बन गई।

लॉर्ड्स में मिली यह जीत केवल एक मैच जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते आत्मविश्वास, प्रतिभा और वैश्विक स्तर पर मजबूत होती पहचान का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यह मुकाबला महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार मैचों में गिना जाएगा।

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