नेपाल की बारिश का असर, मऊ में सरयू का जलस्तर लगातार चढ़ा

मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मानसून की सक्रियता और नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब सरयू नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल […]

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  • July 13, 2026 6:00 pm IST, Published 2 hours ago

मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मानसून की सक्रियता और नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब सरयू नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सरयू नदी का जलस्तर करीब 30 सेंटीमीटर बढ़ा है। वर्तमान में नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन पानी बढ़ने की गति को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर कटान की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं।

दोहरीघाट और आसपास के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान भी तेज हो जाता है। कई बार खेतों की उपजाऊ जमीन नदी में समा जाती है, जबकि कुछ इलाकों में आबादी पर भी खतरा मंडराने लगता है। पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार भी ग्रामीण पहले से सतर्क हैं और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने की तैयारी कर रहे हैं।प्रशासन और सिंचाई विभाग ने नदी के जलस्तर की निगरानी तेज कर दी है। तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और कटान संभावित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होती है तो आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने की कोई सूचना नहीं है और नदी सामान्य दायरे में बह रही है। बावजूद इसके, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मन में आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि समय रहते प्रशासन सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करेगा ताकि किसी भी संभावित संकट से जन-धन की हानि को रोका जा सके। मानसून के इस दौर में सरयू नदी का बदलता स्वरूप एक बार फिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए परीक्षा बनता दिखाई दे रहा है।

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