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भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू: व्हिस्की, कारें और कपड़े हुए सस्ते

नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने से भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार के नए द्वार खुल गए हैं, जिससे दोनों देशों के बाजार में कई चीजें सस्ती […]

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  • July 15, 2026 8:17 am IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने से भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार के नए द्वार खुल गए हैं, जिससे दोनों देशों के बाजार में कई चीजें सस्ती हो जाएंगी।

ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इसे ‘ऐतिहासिक पल’ बताते हुए कहा कि यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत है।

🚗 भारत में क्या-क्या सस्ता होगा?

इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आने वाले कई प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क (Import Duty) भारी कटौती की गई है:

  • लक्जरी कारें: UK से आने वाली पूरी तरह से बनी हुई (CBU) कारों पर लगने वाले टैक्स में बड़ी राहत दी गई है। कोटा आधारित व्यवस्था के तहत चुनिंदा गाड़ियों पर आयात शुल्क को चरणों में कम किया जाएगा।

  • स्कॉच व्हिस्की और ड्रिंक्स: भारत में यूके की प्रसिद्ध स्कॉच व्हिस्की और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स अब काफी सस्ती मिलेंगी। व्हिस्की पर लगने वाला भारी-भरकम आयात शुल्क शुरुआती दौर में ही काफी घटा दिया गया है।

  • कपड़े और फुटवियर: ब्रिटेन से आने वाले चुनिंदा ब्रांडेड कपड़े और फुटवियर भी भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे।

🌐 ब्रिटेन में भारतीय सामानों को क्या फायदा?

ब्रिटेन ने भारतीय सामानों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों को जबरदस्त लाभ मिलेगा:

  • जीरो टैरिफ एक्सेस: UK ने भारत के 99% सामानों को जीरो टैरिफ (यानी बिना किसी आयात शुल्क) पर अपने बाजार में एंट्री दी है।

  • ये चीजें होंगी प्रमोट: भारत से यूके जाने वाले टेक्सटाइल (कपड़े), लेदर, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वैलरी और मरीन प्रोडक्ट्स अब वहां पूरी तरह टैक्स-फ्री या बेहद कम दरों पर बिकेंगे।

📈 व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर

बड़ा लक्ष्य: इस डील से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) के आने वाले कुछ वर्षों में दोगुना होकर 100 से 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की पूरी संभावना है।

  • प्रोफेशनल के लिए राहत: समझौते के साथ ही डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) भी लागू हो गया है, जिससे यूके में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन में बड़ी राहत मिलेगी। इससे उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा बचेगा।

🕒 कब हुई थी डील?

लंबी बातचीत के दौर के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जो अब जमीन पर उतर चुका है।

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