अमेरिका का ईरान पर बड़ा हवाई हमला

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुल बने निशाना, 7 की मौत; मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने देर रात दक्षिणी ईरान में कई स्थानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में एक हवाई अड्डे, […]

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  • July 17, 2026 8:30 am IST, Published 2 hours ago

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुल बने निशाना, 7 की मौत; मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने देर रात दक्षिणी ईरान में कई स्थानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में एक हवाई अड्डे, बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के रेलवे स्टेशन और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित दो पुलों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

ईरानी सरकारी टीवी आईआरआईबी (IRIB) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी ईरान स्थित ईरानशहर हवाई अड्डे के आसपास तीन जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। बताया गया कि हवाई अड्डे पर कम से कम एक अमेरिकी गोला गिरा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन पर भी हमला

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन स्टेशन को भी अमेरिकी हमले का निशाना बनाया गया। इस हमले में दो ईरानी नागरिक घायल हुए हैं। रेलवे स्टेशन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पुलों पर हमला

ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत में होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित दो पुलों पर भी हवाई हमले किए गए। इन हमलों में दो लोगों की मौत और चार अन्य के घायल होने की पुष्टि की गई है।

अमेरिकी पुष्टि का इंतजार

ईरानी मीडिया ने इन हमलों को “अमेरिकी दुश्मन का हमला” बताया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक अमेरिकी सरकार की ओर से इन विशेष हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

US सेंट्रल कमांड का बयान

इस बीच US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से सटीक हमले किए। बयान के अनुसार, इन अभियानों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री सैन्य क्षमताएं शामिल थीं।

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्गों में से एक है। यदि इस क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

ईरान ने की निंदा

ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। सेना और सिविल डिफेंस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, जबकि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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