• होम
  • उत्तर प्रदेश
  • यूपी में मौसम का यू-टर्न, भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर IMD का अलर्ट

यूपी में मौसम का यू-टर्न, भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर IMD का अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। कहीं तेज बारिश लोगों को राहत दे रही है तो कहीं उमस और गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 17, 2026 5:58 pm IST, Published 1 hour ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। कहीं तेज बारिश लोगों को राहत दे रही है तो कहीं उमस और गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी लखनऊ, कानपुर समेत कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं और अनेक स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं कुछ जिलों में बारिश कम होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 18 जुलाई को बारिश की संभावना है, जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच भारी वर्षा होने का अनुमान है। इसके बाद 22 और 23 जुलाई को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 19 से 23 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि 20 से 22 जुलाई के दौरान कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर आंधी आने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने 17 से 21 जुलाई के बीच प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।लगातार बारिश से कुछ जिलों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

 

 

Advertisement