अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे पर कई राजनीतिक बयान दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पूरी तरह उचित है और किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं होना चाहिए, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों की मंशा अलग है।
अंबेडकरनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर ने समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान खुलेआम नकल होती थी। उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वह भी इस मामले में खुद को पूरी तरह बेदाग नहीं बता सकती। राजभर ने कहा कि विपक्ष को पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए।
उन्होंने दिल्ली में हुए धरना-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने छात्रों को आंदोलन के लिए उकसाया, लेकिन जब कार्रवाई का समय आया तो वही नेता पीछे हट गए। राजभर ने कहा कि “छात्रों को उकसाकर लात खाने वाले खुद पतली गली से भाग गए। सपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता छात्रों को आगे कर खुद बचते रहे।”
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों की मूल मांग पूरी तरह जायज है। उनके अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास भर्ती प्रक्रिया पर कायम रहे।
राजभर के इस बयान से छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष इन आरोपों का क्या जवाब देता है, इस पर अब सभी की नजरें रहेंगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विषय बना रहेगा।