छात्र आंदोलन की गूंज महाराष्ट्र तक

प्रकाश आंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान, विपक्ष हुआ सक्रिय मुंबई। दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। आंदोलन के समर्थन में राज्य के कई विपक्षी नेता सक्रिय हो गए हैं। वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र […]

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  • July 23, 2026 9:38 am IST, Published 2 hours ago

प्रकाश आंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान, विपक्ष हुआ सक्रिय

मुंबई। दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। आंदोलन के समर्थन में राज्य के कई विपक्षी नेता सक्रिय हो गए हैं। वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है, जबकि उद्धव ठाकरे और शरद पवार दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन जता चुके हैं।

प्रकाश आंबेडकर का बंद का आह्वान

प्रकाश आंबेडकर ने छात्र आंदोलन के समर्थन में महाराष्ट्र बंद की घोषणा की है। इससे पहले भी भीमा-कोरेगांव हिंसा के बाद उन्होंने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था, जिसे कई क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिला था। उस दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई थीं।

राज्य सरकार ने बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

विपक्षी दलों में नई सक्रियता

हाल के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बावजूद प्रकाश आंबेडकर अब छात्र आंदोलन के जरिए अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, महाराष्ट्र की प्रमुख विपक्षी पार्टियां कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) भी आंदोलन के मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रही हैं।

उद्धव ठाकरे दिल्ली, आदित्य ठाकरे मुंबई में सक्रिय

उद्धव ठाकरे दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों से मिले और अपना समर्थन व्यक्त किया। दूसरी ओर, आदित्य ठाकरे मुंबई में प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर नजर बनाए हुए हैं।

उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले युवाओं से अपील की है कि यदि उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है या उन्हें हिरासत में लिया गया है, तो वे पार्टी द्वारा जारी ईमेल के माध्यम से संपर्क करें ताकि उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र आंदोलन ने महाराष्ट्र के विपक्षी दलों को एक साझा मुद्दे पर सक्रिय होने का अवसर दिया है। आने वाले दिनों में आंदोलन और महाराष्ट्र बंद का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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