गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और गौसेवा के बाद जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी से सीधे संवाद किया और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नियमित जनसुनवाई व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है। यहां प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से नागरिक अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और मुख्यमंत्री स्वयं उनकी शिकायतें सुनते हैं। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में भी सुबह पूजा-अर्चना और गौसेवा के बाद मुख्यमंत्री निर्धारित समय पर जनता के बीच पहुंचे।
जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने राजस्व विवाद, पुलिस कार्रवाई, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी, पेंशन, आवास, भूमि संबंधी मामलों सहित कई अन्य समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक आवेदन का अवलोकन किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा सभी मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों में विशेष गंभीरता बरती जाए और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव थी, उनके संबंध में संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने कई लोगों का हालचाल भी जाना और कुछ मामलों में विस्तृत जानकारी लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन जवाबदेही के साथ कार्य करे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल रहे। कई फरियादी सुबह से ही अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूजा-अर्चना और गौसेवा के बाद जनता दर्शन आयोजित करने की परंपरा गोरखनाथ मंदिर में लंबे समय से चली आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखपुर प्रवास पर होते हैं, तो आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनते हैं। इससे लोगों को अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और प्रशासनिक तंत्र भी शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए सक्रिय रहता है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि जनता दर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाना तथा लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।