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विद्या वाहिनी योजना शुरू, 1.40 लाख छात्राओं को चरणबद्ध निःशुल्क साइकिलें मिलेंगी दिल्ली में

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को पूर्वी विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह में दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘विद्या वाहिनी’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के विद्यालयों की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 3,000 से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री […]

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  • July 31, 2026 2:35 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को पूर्वी विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह में दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘विद्या वाहिनी’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के विद्यालयों की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 3,000 से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और सपनों के बारे में जानकारी ली और उन्हें पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से बनाए गए चित्र भेंट किए। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता, प्रतिभा और स्नेह की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पटपड़गंज से विधायक रविन्द्र सिंह नेगी, शिक्षा एवं खेल निदेशक  नितिन जिंदल, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का कार्यक्रम नारी शक्ति के सम्मान और प्रत्येक बेटी को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प का उत्सव है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण में महिला-नेतृत्व वाले विकास को केंद्र में रखा है और शिक्षा को महिला सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम माना है। ‘विद्या वाहिनी’ योजना उसी दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विद्या वाहिनी’ योजना के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से दिल्ली सरकार के विद्यालयों में पढ़ने वाली लगभग 1 लाख 40 हजार छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह योजना आगे के वर्षों में भी इसी तरह जारी रहेगी। यह योजना छात्राओं के विद्यालय तक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन को सुनिश्चित करेगी, उनके समय की बचत करेगी, विद्यालयों में नियमित उपस्थिति बढ़ाएगी, ड्रॉपआउट की संभावना को कम करेगी और अभिभावकों की दैनिक चिंता को भी कम करेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एक साइकिल केवल परिवहन का साधन नहीं होती, बल्कि यह स्वतंत्रता, आत्मविश्वास, गरिमा, आत्मनिर्भरता और अवसर का प्रतीक है। शिक्षा सशक्तीकरण की सबसे मजबूत नींव है। जब एक बेटी शिक्षित होती है तो वह केवल ज्ञान ही नहीं प्राप्त करती, बल्कि आत्मविश्वास, जागरूकता और अपने भविष्य से जुड़े सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करती है। यह साइकिल केवल एक उपहार नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करें, साइकिल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और सदैव सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास और विकसित भारत के विजन को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता  के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ‘विद्या वाहिनी’ योजना के माध्यम से धरातल पर उतार रही है। यह कार्यक्रम इसलिए भी विशेष है क्योंकि दिल्ली का नेतृत्व एक महिला मुख्यमंत्री के हाथों में है, जो यह सुनिश्चित कर रही हैं कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहे। जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है तो नीतियों के केंद्र में महिलाओं का सम्मान, उनकी शिक्षा और उनका सशक्तीकरण स्वतः आ जाता है और आज का कार्यक्रम इसका सशक्त उदाहरण है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 9 में पहुंचने के बाद विद्यालय की दूरी और परिवहन की कठिनाइयों के कारण अनेक छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होती रही है। ‘विद्या वाहिनी’ योजना उन बाधाओं को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन अनेक सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और छात्राओं की वास्तविक आवश्यकताओं की अनदेखी होती रही। वर्तमान सरकार ने प्रचार के बजाय शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हुए प्राथमिकताएं बदली हैं। इसी सोच के तहत चरणबद्ध तरीके से 1 लाख 40 हजार छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी।

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