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हेमंत सोरेन से SAIL CMD की मुलाकात, क्या होगा बड़ा निवेश?

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पांडा ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में औद्योगिक विकास, इस्पात क्षेत्र की संभावनाओं तथा SAIL और राज्य सरकार के बीच सहयोग को लेकर विभिन्न विषयों पर […]

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  • July 31, 2026 2:41 pm IST, Published 1 hour ago

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पांडा ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में औद्योगिक विकास, इस्पात क्षेत्र की संभावनाओं तथा SAIL और राज्य सरकार के बीच सहयोग को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक को औपचारिक रूप से शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, लेकिन इसे झारखंड में भविष्य की औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक-प्रभारी (Director-in-Charge) प्रिया रंजन तथा SAIL के कार्यकारी निदेशक (खान) वी. मनवती भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इस मुलाकात के महत्व को और बढ़ा दिया।

झारखंड देश के प्रमुख खनिज संपन्न राज्यों में से एक है। यहां लौह अयस्क, कोयला और अन्य खनिजों की प्रचुर उपलब्धता के कारण इस्पात उद्योग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। SAIL पहले से ही राज्य में बोकारो स्टील प्लांट सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का संचालन कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री और SAIL के शीर्ष अधिकारियों की यह बैठक भविष्य में औद्योगिक विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान राज्य में उद्योगों के अनुकूल वातावरण, बुनियादी ढांचे के विकास, खनन गतिविधियों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) से जुड़े विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से किसी नई परियोजना या निवेश पैकेज की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार राज्य में निवेश आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देते रहे हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को भी सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ समय-समय पर संवाद जारी है।

दूसरी ओर, SAIL देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनियों में शामिल है। कंपनी न केवल इस्पात उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाती है बल्कि सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी कई CSR कार्यक्रम संचालित करती है। झारखंड में SAIL की मौजूदगी राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रही है।

बैठक में शामिल बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक-प्रभारी प्रिया रंजन की उपस्थिति से यह संकेत भी मिल रहा है कि बोकारो स्टील प्लांट से जुड़े विकास कार्यों, उत्पादन क्षमता में सुधार तथा भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई होगी। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार और SAIL के बीच समन्वय और मजबूत होता है तो झारखंड में इस्पात उद्योग के विस्तार के साथ-साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।

बैठक की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भी इस मुलाकात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। तस्वीरों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और SAIL के CMD डॉ. अशोक कुमार पांडा एक-दूसरे का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक की तस्वीरें भी साझा की गई हैं।

फिलहाल इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, लेकिन आने वाले समय में यदि SAIL की ओर से झारखंड में किसी नई परियोजना, उत्पादन विस्तार या निवेश संबंधी घोषणा होती है तो यह राज्य के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उद्योग जगत की निगाहें अब राज्य सरकार और SAIL की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।

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