• होम
  • पंजाब
  • पंजाब में मावां-धीयां सत्कार योजना का दूसरा चरण, 35.5 लाख महिलाओं को सहायता

पंजाब में मावां-धीयां सत्कार योजना का दूसरा चरण, 35.5 लाख महिलाओं को सहायता

चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की। सरकार के अनुसार, इस चरण में […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 2, 2026 12:35 pm IST, Published 2 hours ago

चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की। सरकार के अनुसार, इस चरण में राज्य की लगभग 35.5 लाख महिलाओं को 3,000 रुपये से 4,500 रुपये तक की वित्तीय सहायता सीधे उनके खातों में भेजी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम करना है। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच के साथ इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे किसी प्रकार की मध्यस्थता या अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाती है।

सरकार का दावा है कि योजना के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी। आर्थिक सहयोग मिलने से महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई नई पहल की जा रही हैं। उनका कहना था कि महिलाओं को सशक्त बनाना राज्य के समग्र विकास की महत्वपूर्ण शर्त है।

सरकार का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सहायता राशि भेजने से लाभार्थियों तक समय पर धनराशि पहुंच रही है। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और यदि किसी महिला को भुगतान नहीं मिला है तो उसकी शिकायत का शीघ्र समाधान किया जाए।

योजना के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में लाभार्थी महिलाओं ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। कई महिलाओं ने कहा कि यह आर्थिक सहायता उनके दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित होगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस प्रकार की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता योजनाएं महिलाओं की वित्तीय भागीदारी को बढ़ावा देती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं।

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी महिलाओं के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंच सके। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हो और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

Advertisement