रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने बुधवार को विधानसभा घेराव की कोशिश की। रांची में बड़ी संख्या में छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा गेट के पास पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कई बार झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में कई बार लाठीचार्ज भी किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों के घायल होने की सूचना है। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें फेंके जाने की बात भी सामने आई है।
आंदोलनकारी छात्र सुबह करीब 10 बजे पुरानी विधानसभा के पास एकत्रित हुए। इसके बाद हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कंटीले तारों सहित कई स्तर की बैरिकेडिंग कर रखी थी।
छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बीच कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ते और नारेबाजी करते नजर आए। कुछ छात्रों ने मौके पर राष्ट्रगान भी गाया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई बार लाठीचार्ज किया। विधानसभा परिसर और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह लेयर की बैरिकेडिंग और CCTV कैमरों से निगरानी की गई।
विधानसभा गेट के पास प्रदर्शनकारी छात्रों को हटाने के दौरान पुलिस ने दूसरी बार भी लाठीचार्ज किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान कुछ छात्रों के सिर और शरीर पर चोटें आईं। पुलिस और छात्रों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी।
प्रदर्शनकारी छात्र JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षा प्रक्रिया की जांच और संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा कराने की है।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो समेत छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं। विधानसभा घेराव के दौरान देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
बताया गया कि देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा घेराव स्थल तक पहुंचे थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन पर कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने बातचीत और भरोसे के जरिए मामले का समाधान निकालने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उनकी समस्याओं पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है और बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की।
इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया है। 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में हुई छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अब विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई और छात्र नेता की तबीयत बिगड़ने के बाद मामला और गरमा गया है।