भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। इस अभ्यास के 15वें संस्करण में हिस्सा लेने के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी 17 अगस्त 2026 को थाईलैंड के लिए रवाना हो गई। दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाला यह अभ्यास 18 से 31 अगस्त तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जाएगा।
‘मैत्री’ अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच आपसी समन्वय, सैन्य क्षमताओं और परिचालन अनुभव को बढ़ाना है। इस बार अभ्यास में जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझेंगे और विभिन्न परिस्थितियों में मिलकर अभियान चलाने का अभ्यास करेंगे।
भारतीय सेना और थाई शाही सेना की ओर से 85-85 सैनिक इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं। वहीं, थाई सेना की टुकड़ी 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के सैनिकों से बनी है। दोनों पक्षों की समान संख्या वाली टुकड़ियां कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा लेंगी।
इस सैन्य अभ्यास के दौरान सैनिकों को जंगल और अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के तहत उग्रवाद और आतंकवाद विरोधी अभियानों से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं का अभ्यास भी कार्यक्रम का हिस्सा होगा। इसका उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है, जहां संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता हो सकती है।
प्रशिक्षण केवल मैदान में होने वाले अभ्यास तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रम में क्षेत्र अभ्यास के अलावा युद्ध से जुड़े विषयों पर चर्चाएं, व्याख्यान और सैन्य क्षमताओं के प्रदर्शन भी शामिल होंगे। अभ्यास के अंतिम चरण में सत्यापन अभ्यास आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से सैनिकों की संयुक्त अभियान क्षमता और आपसी समन्वय को परखा जाएगा।
‘मैत्री’ अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को अपने परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर भी देता है। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक सैन्य उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की तकनीकी और सामरिक क्षमताओं को समझने में मदद मिलेगी।
भारत और थाईलैंड के बीच यह सैन्य अभ्यास वर्ष 2006 में शुरू हुआ था। इसके बाद से ‘मैत्री’ दोनों देशों के रक्षा संबंधों का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। नियमित रूप से आयोजित होने वाले इस अभ्यास के जरिए दोनों सेनाएं विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों में संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता विकसित करती हैं।
भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा संबंधों के साथ-साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंध भी लगातार विकसित हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर होने वाली गतिविधियां आपसी विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नियमित संयुक्त अभ्यासों से सैनिकों के बीच संपर्क और समझ मजबूत होती है, जिसका लाभ भविष्य में संयुक्त अभियानों और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में मिल सकता है। ‘मैत्री 2026’ के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच सर्वोत्तम सैन्य प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
कुल मिलाकर, भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ का नया संस्करण दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारतीय सेना की 9 गोरखा राइफल्स और थाई शाही सेना के सैनिक संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमताओं को मजबूत करेंगे। दो सप्ताह से अधिक चलने वाला यह अभ्यास आपसी विश्वास, अंतर-संचालन और सैन्य सद्भावना को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।