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पश्चिम एशिया में L&T का दबदबा बढ़ा, मिला 15 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट

नई दिल्ली: देश की प्रमुख इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनियों में शामिल लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का पश्चिम एशिया में कारोबार लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। कंपनी की समुद्री इंजीनियरिंग से जुड़ी इकाई एलटीईएच ऑफशोर को क्षेत्र में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को […]

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  • August 18, 2026 2:20 pm IST, Published 10 minutes ago

नई दिल्ली: देश की प्रमुख इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनियों में शामिल लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का पश्चिम एशिया में कारोबार लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। कंपनी की समुद्री इंजीनियरिंग से जुड़ी इकाई एलटीईएच ऑफशोर को क्षेत्र में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में इस परियोजना की पुष्टि की है, हालांकि ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

यह परियोजना L&T के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके तहत पश्चिम एशिया में कई ऑफशोर सुविधाओं के विकास से जुड़े काम किए जाएंगे। परियोजना में इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, स्थापना और कमीशनिंग जैसे कई चरण शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, परियोजना से जुड़े अधिकांश निर्माण कार्य उसके अपने संयंत्रों में तैयार किए जाएंगे और इसके बाद संबंधित स्थानों पर इन्हें स्थापित किया जाएगा।

L&T की ओर से परियोजना की कुल कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन कंपनी की वर्गीकरण व्यवस्था के अनुसार 15,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले ऑर्डर को अल्ट्रा-मेगा श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में नया ऑर्डर कंपनी के लिए बड़े कारोबार और भविष्य की परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

पश्चिम एशिया लंबे समय से ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े निवेश का प्रमुख केंद्र रहा है। समुद्र में स्थित तेल और गैस सुविधाओं के अलावा क्षेत्र में ऊर्जा परिवर्तन, औद्योगिक विकास और नई बुनियादी संरचनाओं पर भी निवेश बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में एलएंडटी को ऑफशोर परियोजना मिलना कंपनी की तकनीकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी स्थिति को मजबूत करने वाला कदम माना जा सकता है।

पिछले कई दशकों से वैश्विक स्तर पर ऑफशोर इंजीनियरिंग और निर्माण परियोजनाओं में सक्रिय है। कंपनी ने समुद्र में कठिन परिस्थितियों वाली कई परियोजनाओं को पूरा किया है। ऑफशोर क्षेत्र में किसी परियोजना को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग क्षमता के साथ-साथ समुद्री निर्माण, लॉजिस्टिक्स, स्थापना और सुरक्षा से जुड़े उच्च मानकों का पालन जरूरी होता है। इस क्षेत्र में कंपनी का लंबा अनुभव नए ऑर्डर को हासिल करने में मददगार रहा है।

L&T को पश्चिम एशिया में यह बड़ा ऑर्डर ऐसे समय मिला है जब कंपनी का कारोबार केवल पारंपरिक इंजीनियरिंग और निर्माण तक सीमित नहीं है। कंपनी डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, रक्षा, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

इसका एक उदाहरण 13 अगस्त को मिला बड़ा ऑर्डर है। कंपनी को अमेरिकी एआई कंपनी टुगेदर एआई से 15,000 करोड़ रुपये तक का मेगा प्रोजेक्ट मिला था। इस परियोजना के तहत चेन्नई में देश की बड़ी एआई फैक्टरी स्थापित करने की योजना है। यह परियोजना भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एक ओर पश्चिम एशिया में ऑफशोर परियोजना और दूसरी ओर भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा बड़ा प्रोजेक्ट L&T के कारोबार के विविधीकरण को दर्शाता है। कंपनी ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र के पारंपरिक कारोबार के साथ नई तकनीकों और उभरते क्षेत्रों में भी अवसर तलाश रही है। नए ऑफशोर ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, परियोजना से जुड़े वास्तविक वित्तीय प्रभाव का आकलन उसके निष्पादन की समयसीमा, लागत और चरणबद्ध प्रगति के आधार पर किया जाएगा। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया से मिला यह अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर L&T की वैश्विक इंजीनियरिंग क्षमता को रेखांकित करता है। कंपनी का लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय और तकनीकी प्रोजेक्ट हासिल करना यह संकेत देता है कि वह पारंपरिक निर्माण कारोबार के साथ नई पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

 

 

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