लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की महिलाओं, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए हैं। लखनऊ में दिए अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी और बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों को फिर से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना शामिल होगा।
अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद महिलाओं के खाते में तय सहायता राशि पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। सपा अध्यक्ष ने इस घोषणा को महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका को देखते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।
उन्होंने समाजवादी पेंशन योजना को भी फिर से शुरू करने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो समाजवादी पेंशन योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिल सकेगा।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में महिलाओं की स्थिति को लेकर मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक दशक में महिलाओं को वह सम्मान और सुविधाएं नहीं मिलीं, जिनकी उन्हें जरूरत थी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर महिलाओं के लिए ऐसी नीतियां बनाएगी, जिनसे उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूती मिले।
बंद पड़े 26 हजार प्राथमिक स्कूल खोलने का वादा
अखिलेश यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बंद पड़े करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोला जाएगा। उनका कहना था कि गांवों और कस्बों में बच्चों की शिक्षा के लिए सरकारी स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में स्कूलों का बंद होना बच्चों और उनके परिवारों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
सपा अध्यक्ष ने संकेत दिया कि सरकार बनने पर प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के साथ स्कूलों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके आसपास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
कानपुर एक्सप्रेस-वे की डिजाइन पर सवाल
अखिलेश यादव ने कानपुर एक्सप्रेस-वे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एक्सप्रेस-वे की डिजाइन में ही खामियां हैं। उनके बयान के मुताबिक किसी भी बड़े सड़क प्रोजेक्ट में निर्माण से पहले उसकी योजना और डिजाइन पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी न हो।
सपा अध्यक्ष के इन ऐलानों को आगामी राजनीतिक मुकाबले के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, समाजवादी पेंशन की बहाली और बंद सरकारी स्कूलों को फिर से खोलने जैसे मुद्दों के जरिए पार्टी सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव के ताजा बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनावी रणनीति में महिला कल्याण, पेंशन, सरकारी शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की तैयारी में है। हालांकि इन घोषणाओं को लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान और विस्तृत योजना पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में सामने आएगी।