शिलॉन्ग। मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले में रविवार तड़के सुरक्षाबलों और एक अंतरराज्यीय गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में चार संदिग्ध बदमाश मारे गए। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह मेघालय और असम में सक्रिय था और इसके सदस्यों पर डकैती, अपहरण तथा वसूली समेत कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
पूर्वी गारो हिल्स के पुलिस अधीक्षक पवार एस. वसंतराव ने बताया कि गिरोह के सदस्य राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों के अपहरण की साजिश रच रहे थे। मुठभेड़ रविवार सुबह करीब 4 बजे हुई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि हथियारों से लैस कुछ लोग सोंगसाक की ओर जा रहे हैं। इसके बाद एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में नाका चेकिंग शुरू की।
जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने एक संदिग्ध वाहन को रुकने का इशारा किया। पुलिस के अनुसार, वाहन में सवार लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
फायरिंग में चार संदिग्ध घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मारे गए आरोपितों की पहचान उत्तर गारो हिल्स के अल्लासन मारक तथा असम के गोलपारा जिले के सुस्टम राभा, कलाम अली और बबिदुल इस्लाम के रूप में की है।
पुलिस के मुताबिक, चारों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज थे और वे अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा थे।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन की तलाशी ली। इस दौरान दो पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए। इनमें से एक पिस्तौल पर बेरेटा लिखा हुआ था।
सुरक्षाबलों ने बरामद हथियारों को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, अल्लासन मारक हाल ही में हुए डामरा फायरिंग मामले का मुख्य आरोपित था। इस घटना में एक व्यवसायी की हत्या की गई थी।
वहीं, सुस्टम राभा के खिलाफ असम और मेघालय में डकैती, अपहरण और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज बताए गए हैं। कलाम अली पर भी असम में अपहरण, वसूली और हमले से जुड़े मामले दर्ज थे।
पुलिस अब मुठभेड़ की परिस्थितियों, गिरोह के आपराधिक नेटवर्क और NHIDCL अधिकारियों के कथित अपहरण की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।