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सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए

पटना:  बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रशासन […]

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  • September 5, 2026 4:35 pm IST, Published 1 hour ago

पटना:  बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को करीब से देखा। नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे हालात में प्रशासन के सामने प्रभावित आबादी तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती रहती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान को लगातार प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। सम्राट चौधरी ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो। बाढ़ की स्थिति में संचार और आवागमन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन को पूरी तत्परता के साथ काम करना होगा। प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। बाढ़ के दौरान निचले इलाकों में रहने वाली आबादी को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में पानी बढ़ने के साथ लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ता है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने से लेकर जरूरी संसाधनों की उपलब्धता तक सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पहले से तैयार रहना चाहिए। राहत और बचाव दलों को सक्रिय रखने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देने को कहा गया। भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उनका जोर राहत एवं बचाव कार्यों को बिना किसी कमी के जारी रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा।

सरकार की ओर से प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित आबादी तक सहायता पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जरूरी कदम उठाने और लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के लिए कहा गया है।

फिलहाल भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और आमजन की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी क्षमता के साथ काम करे।

 

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