सीमांचल एक्सप्रेस में दर्दनाक हादसा, 9 माह के मासूम की मौत

फतेहपुर/प्रयागराज। सीमांचल एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक परिवार के लिए यात्रा उस समय मातम में बदल गई, जब नौ महीने का मासूम बच्चा चलती ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की से नीचे गिर गया। दर्दनाक हादसा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के आसपास सामने आया। घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय […]

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  • September 14, 2026 7:52 am IST, Published 18 minutes ago

फतेहपुर/प्रयागराज। सीमांचल एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक परिवार के लिए यात्रा उस समय मातम में बदल गई, जब नौ महीने का मासूम बच्चा चलती ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की से नीचे गिर गया। दर्दनाक हादसा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के आसपास सामने आया। घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने रेलवे ट्रैक के आसपास बड़े स्तर पर तलाश अभियान चलाया। करीब कई घंटे की खोजबीन के बाद बच्चे का शव रेलवे ट्रैक के किनारे बरामद किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार आनंद विहार से बिहार की ओर जा रही सीमांचल एक्सप्रेस के एस-1 कोच में यात्रा कर रहा था। बच्चा अपनी मां के पास सो रहा था। सफर के दौरान किसी समय ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की खुल गई और बच्चा खिड़की के रास्ते नीचे गिर गया। परिवार को जब बच्चे के गायब होने का पता चला, तब ट्रेन काफी आगे निकल चुकी थी। इसके बाद प्रयागराज जीआरपी को सूचना दी गई और रेलवे ट्रैक पर तलाशी शुरू की गई।

चलती ट्रेन में गायब हुआ मासूम

जानकारी के अनुसार, परिवार को बच्चे के गायब होने का पता ट्रेन के सफर के दौरान चला। परिजनों ने कोच में बच्चे को तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान सामने की इमरजेंसी खिड़की खुली दिखाई दी। इसके बाद आशंका जताई गई कि बच्चा नींद में मां के पास से खिसककर खिड़की से बाहर गिर गया होगा।

यह मामला सामने आते ही परिवार में हड़कंप मच गया। ट्रेन के प्रयागराज पहुंचने के बाद जीआरपी को इसकी जानकारी दी गई। शुरुआती रिपोर्ट में पुलिस ने कानपुर से प्रयागराज के बीच रेलवे ट्रैक के आसपास बच्चे की तलाश शुरू की।

फैजुल्लापुर के पास चलाया गया सर्च ऑपरेशन

बच्चे की तलाश के लिए रेलवे पुलिस ने संबंधित रेलखंड पर खोजबीन शुरू की। रिपोर्ट के अनुसार, कनवार से प्रेमपुर तक रेलवे ट्रैक के आसपास पुलिस की टीमें लगाई गईं और संभावित स्थानों को खंगाला गया। साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज भी देखे जाने की बात सामने आई थी।

बाद की रिपोर्ट में बताया गया कि फतेहपुर के फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे मासूम का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।

मां के पास सो रहा था बच्चा

घटना को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक बच्चा अपनी मां के पास सो रहा था। इसी दौरान इमरजेंसी विंडो खुली होने की वजह से उसके नीचे गिरने की आशंका जताई गई। हालांकि, हादसे की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस घटना ने एक बार फिर चलती ट्रेनों में छोटे बच्चों के साथ यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। खासतौर पर ट्रेन के उन हिस्सों को लेकर यात्रियों के बीच सवाल उठ रहे हैं, जहां आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली खिड़कियां मौजूद रहती हैं।

हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा पर सवाल

रेल यात्रियों के लिए इमरजेंसी विंडो आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी व्यवस्था होती है। लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि यात्रा के दौरान ऐसी खिड़कियों की सुरक्षा और लॉकिंग व्यवस्था कितनी प्रभावी है। यदि कोई खिड़की अनजाने में खुल जाए तो छोटे बच्चों और अन्य यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

हालांकि, यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि इस मामले में इमरजेंसी खिड़की किस परिस्थिति में खुली और घटना के समय उसकी स्थिति क्या थी, इसका आधिकारिक निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। इसलिए किसी एक कारण को हादसे की अंतिम वजह मानना अभी उचित नहीं होगा।

परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द

नौ महीने के बच्चे की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस यात्रा को परिवार के लिए सामान्य सफर होना था, वही उनके जीवन की सबसे दर्दनाक घटना बन गई। बच्चे की तलाश के दौरान परिजनों की बेचैनी और उम्मीद के बीच आखिरकार उन्हें सबसे दुखद खबर मिली।

रेलवे ट्रैक से शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर हादसे की परिस्थितियों को लेकर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

यात्रियों से अतिरिक्त सतर्कता की अपील

इस घटना के बाद ट्रेन में छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है। सफर के दौरान बच्चों को अकेला न छोड़ना, खिड़कियों और दरवाजों की स्थिति पर नजर रखना तथा किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना देना बेहद जरूरी है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इमरजेंसी विंडो किस तरह खुली तथा हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में शुरुआती चरण में बच्चे की तलाश की जानकारी थी, जबकि बाद की रिपोर्ट में शव मिलने की बात सामने आई है। इसलिए खबर में जांच से जुड़े तथ्यों को सावधानी के साथ प्रस्तुत किया गया है।

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