पटना। बिहार की राजधानी पटना के दानापुर इलाके में एक पुलिस सिपाही और उसकी बहन की गोली लगने से मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, सिपाही ओमचंद्र उर्फ सोनू (30) ने कथित तौर पर अपनी बहन गायत्री देवी (21) को गोली मारने के बाद अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को भी गोली मार ली।
घटना नासरीगंज स्थित मिथिला कॉलोनी की है। दोनों भाई-बहन के शव घर के एक कमरे में एक ही बेड पर मिले। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, 33 गोलियां और दो खोखे बरामद किए हैं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां दोनों के शव मिले। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
ओमचंद्र की पोस्टिंग मोतिहारी में बिहार पुलिस के सिपाही के तौर पर थी। वह मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के मरथुआ गांव का रहने वाला था।
जानकारी के अनुसार, ओमचंद्र करीब एक साल से अपने भाई और दो बहनों के साथ मिथिला कॉलोनी में रह रहा था। मकान की तीसरी मंजिल पर वे लोग रहते थे। घटना के समय ओमचंद्र का छोटा भाई उमानाथ, जो फ्लिपकार्ट में काम करता है, घर में मौजूद नहीं था।
ओमचंद्र को पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर बिहार पुलिस में नौकरी मिली थी।
मृतक के भाई उमानाथ ने बताया कि गायत्री की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसकी शादी बक्सर जिले के गायघाट में हुई थी, लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए ससुराल वाले उसे अपने साथ नहीं रखना चाहते थे।
परिजनों के मुताबिक, गायत्री का इलाज मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में चल रहा था। करीब तीन महीने पहले ओमचंद्र उसे अस्पताल से अपने पास लेकर आया था।
परिजनों के अनुसार, ओमचंद्र की करीब दो महीने बाद शादी होने वाली थी। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं।
उमानाथ ने यह भी बताया कि गायत्री आसपास की दुकानों से सामान उधार लेती थी। दुकानदार बकाया रकम के लिए ओमचंद्र से भी पैसे मांगते थे। हाल के दिनों में कुछ दुकानदारों ने ओमचंद्र से बकाया भुगतान को लेकर संपर्क किया था।
पुलिस ने मौके से हथियार और कारतूस बरामद कर लिए हैं। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच पुलिस कर रही है। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।