पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अपने अगले कदम को लेकर चल रही अटकलों पर आखिरकार तस्वीर साफ कर दी है। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की अधिकारी रहीं मित्तल ने 29 सितंबर को घोषणा की कि वह राजनीति में कदम रखेंगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का इरादा नहीं है। वह आम लोगों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करना चाहती हैं।
दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी आगे की रणनीति साझा की। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद करने की अपील करते हुए एक व्हाट्सऐप नंबर भी जारी किया है। उनका कहना है कि राजनीति उनके लिए किसी पद या सत्ता तक पहुंचने का जरिया नहीं होगी, बल्कि वह उन नागरिकों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी शिकायतें अक्सर सरकारी दफ्तरों तक पहुंच ही नहीं पातीं या पहुंचने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती।
मित्तल ने बताया कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें कई ऐसे अनुभव हुए, जिन्होंने उन्हें व्यवस्था में बदलाव के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, कई बार किसी काम के लिए स्वीकृति और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जमीन पर उसका असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने अधूरे विकास कार्यों, खराब सड़कों, पुलों और गड्ढों जैसे स्थानीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को राजनीति के केंद्र में लाने की जरूरत है।
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। pic.twitter.com/mtS6gzBzRw
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 29, 2026
उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए मित्तल ने कहा कि ऐसी समस्याओं का सीधा असर छात्रों और उनके भविष्य पर पड़ता है। उनके मुताबिक, राजनीति का उद्देश्य केवल एक नेता को हटाकर दूसरे को लाना नहीं होना चाहिए, बल्कि काम करने के तरीके में बदलाव लाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
दिव्या मित्तल ने यह भी कहा कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से ही शुरू करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने उन्हें अधिकारी के रूप में परिवार की तरह स्वीकार किया है। इसलिए अब जनसेवा के लिए उनकी नई राजनीतिक पहल की शुरुआत भी यहीं से होगी।
मित्तल का यह फैसला उनके करीब 13 साल लंबे प्रशासनिक करियर के बाद आया है। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को IAS से इस्तीफा देने की घोषणा की थी और उनका इस्तीफा सितंबर में स्वीकार किया गया। इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। 27 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि 29 सितंबर की सुबह वह बताएंगी कि आगे क्या करने वाली हैं।
अब उनके ताजा ऐलान से यह स्पष्ट हो गया है कि वह राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय होने जा रही हैं, लेकिन शुरुआत किसी स्थापित राजनीतिक दल के साथ नहीं, बल्कि नागरिकों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र मंच बनाने से करेंगी। इस मंच का स्वरूप, संगठन और आगे की राजनीतिक दिशा आने वाले समय में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।