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दिल्ली को सुरक्षित बनाने की पहल, फायर सर्विस में 46 नए वाहन शामिल

अग्निशमन सेवा केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं है। किसी दुर्घटना, इमारत में फंसे लोगों को निकालने, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात परिस्थितियों में भी फायर सर्विस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में क्विक रिस्पॉन्स वाहनों की संख्या बढ़ने से अलग-अलग तरह की घटनाओं में शुरुआती सहायता पहुंचाने की क्षमता बढ़ सकती...

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  • September 30, 2026 3:39 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने और आपात स्थिति में राहत पहुंचाने की क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। Seva Sankalp Abhiyan के तहत गीतांजलि अग्निशमन केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली फायर सर्विस के बेड़े में 20 फायर रिस्पॉन्स मोटरसाइकिल और 26 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल शामिल किए गए।

नई गाड़ियों और मोटरसाइकिलों को शामिल करने का उद्देश्य ऐसे इलाकों में फायर सर्विस की पहुंच और प्रतिक्रिया समय को बेहतर करना है, जहां सामान्य आकार के दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी हो सकती है। दिल्ली की कई पुरानी और घनी बस्तियों में गलियां संकरी हैं और कई स्थानों तक बड़े वाहनों की पहुंच आसान नहीं होती। ऐसे क्षेत्रों में छोटे और तेज वाहन आपातकालीन प्रतिक्रिया में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सांसद बांसुरी स्वराज, कैबिनेट सहयोगी आशीष सूद और विधायक सतीश उपाध्याय सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सरकार की ओर से बताया गया कि फायर रिस्पॉन्स मोटरसाइकिल और क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल्स को विशेष रूप से शुरुआती प्रतिक्रिया के लिए उपयोग में लाया जाएगा। किसी स्थान पर आग लगने या अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलने पर इन वाहनों के जरिए टीम कम समय में मौके तक पहुंच सकती है। शुरुआती स्तर पर स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

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दिल्ली जैसे बड़े महानगर में अग्निशमन सेवाओं के लिए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में किसी घटना के दौरान ट्रैफिक और संकरी सड़कों की वजह से बड़े दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है। ऐसे में छोटे वाहनों का इस्तेमाल आपातकालीन व्यवस्था को अधिक गतिशील बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सरकार की ओर से दिल्ली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों पर जोर दिया गया। नई गाड़ियों को फायर सर्विस के बेड़े में शामिल किए जाने को इसी दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर बताया गया।

अग्निशमन सेवा केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं है। किसी दुर्घटना, इमारत में फंसे लोगों को निकालने, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात परिस्थितियों में भी फायर सर्विस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में क्विक रिस्पॉन्स वाहनों की संख्या बढ़ने से अलग-अलग तरह की घटनाओं में शुरुआती सहायता पहुंचाने की क्षमता बढ़ सकती है। गीतांजलि अग्निशमन केंद्र के उद्घाटन के साथ स्थानीय स्तर पर अग्निशमन सेवाओं की मौजूदगी को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया है। किसी क्षेत्र के नजदीक फायर स्टेशन उपलब्ध होने से आपात स्थिति में टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में सुविधा हो सकती है।

सरकार ने इस पहल को दिल्ली की आपातकालीन व्यवस्था को आधुनिक बनाने से जोड़ा है। फायर सर्विस में नए वाहनों को शामिल करने के साथ भविष्य में तकनीकी संसाधनों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिए जाने की बात कही गई है। आग और अन्य आपात परिस्थितियों में फायर सर्विस के कर्मचारी जोखिम उठाकर राहत और बचाव कार्य करते हैं।  नई फायर रिस्पॉन्स मोटरसाइकिल और क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल्स के संचालन के बाद दिल्ली के संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आपात सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत करने का लक्ष्य है।

 

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