चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए कांग्रेस आलाकमान ने जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से 2 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने परगट सिंह की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की है। इसके साथ ही अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल समाप्त हो गया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पंजाब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के दौर में संगठन को नई दिशा देने में जुटी है। पार्टी के लिए प्रदेश अध्यक्ष का पद संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। परगट सिंह को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद पंजाब कांग्रेस की आगे की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
AICC ने जारी किया आधिकारिक आदेश
कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि श्री परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। प्रेस रिलीज में निवर्तमान PCC अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के योगदान की भी सराहना की गई है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पंजाब में चुनाव से संबंधित विभिन्न समितियों के वर्किंग प्रेसिडेंट, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन पहले की तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। यानी प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर बदलाव के बावजूद चुनाव संबंधी मौजूदा समितियों की व्यवस्था में कोई तत्काल परिवर्तन नहीं किया गया है।
हॉकी के मैदान से राजनीति के शीर्ष संगठन तक
परगट सिंह की राजनीतिक पहचान के साथ उनकी खेल पृष्ठभूमि भी बेहद महत्वपूर्ण रही है। वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं। पंजाब विधानसभा के आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 2012, 2017 और 2022 में जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया।
खेल के मैदान से राजनीति में आने के बाद परगट सिंह ने पंजाब की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वह पंजाब सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और खेल तथा शिक्षा सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
जालंधर कैंट से लगातार विधायक
परगट सिंह लंबे समय से जालंधर कैंट की राजनीति से जुड़े हुए हैं। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जालंधर कैंट सीट से जीत दर्ज की थी। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के चुनावी आंकड़ों में भी उन्हें जालंधर कैंट से विजेता कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दर्ज किया गया है।
विधानसभा में उनका लगातार प्रतिनिधित्व उन्हें पंजाब की राजनीति में लंबे अनुभव वाला नेता बनाता है। अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका विधानसभा क्षेत्र की राजनीति से आगे बढ़कर पूरे राज्य के संगठन तक पहुंच गई है।
राजा वड़िंग के बाद नई जिम्मेदारी
परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने से पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद प्रदेश संगठन में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं। विभिन्न रिपोर्टों में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए थे।
अब कांग्रेस आलाकमान ने परगट सिंह के नाम पर मुहर लगा दी है। इस फैसले के साथ पंजाब कांग्रेस को नया प्रदेश संगठन प्रमुख मिल गया है। मीडिया रिपोर्टों ने भी AICC के फैसले के बाद परगट सिंह की नियुक्ति की पुष्टि की है।
संगठन को एकजुट रखने की चुनौती
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर परगट सिंह के सामने संगठन को प्रभावी तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी। पंजाब कांग्रेस में अलग-अलग समय पर संगठनात्मक और नेतृत्व संबंधी मतभेद सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं। राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद भी पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर चर्चाएं हुई थीं।
ऐसे माहौल में नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, जिला संगठनों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। इसके साथ ही पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों को भी गति देने की जिम्मेदारी प्रदेश संगठन पर होगी।
चुनावी तैयारियों के बीच मिली कमान
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के लिए संगठनात्मक सक्रियता महत्वपूर्ण है। परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से अब पार्टी संगठन की गतिविधियों में उनके नेतृत्व की भूमिका बढ़ेगी। बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और चुनावी मुद्दों को लेकर पार्टी की रणनीति तैयार करना आने वाले समय में प्रदेश नेतृत्व की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है।
हालांकि, इन जिम्मेदारियों को लेकर कांग्रेस की ओर से अलग-अलग स्तरों पर विस्तृत कार्ययोजना अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल आधिकारिक रूप से इतना स्पष्ट है कि परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
खेल से राजनीति तक का सफर अब प्रदेश नेतृत्व तक
परगट सिंह का सफर भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी से लेकर पंजाब विधानसभा और अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद तक पहुंचा है। उनकी नियुक्ति ने उनके राजनीतिक करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
जालंधर कैंट के विधायक के तौर पर राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने वाले परगट सिंह के सामने अब पूरे पंजाब में कांग्रेस संगठन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी है। AICC के 2 अक्टूबर के आदेश ने इस नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
इस बदलाव के बाद पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियों का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस किस तरह अपनी संगठनात्मक संरचना को आगे बढ़ाती है और आगामी चुनावों के लिए अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक तैयारियों को किस रूप में आकार देती है।