आकाश आनंद के निष्कासन पर मायावती की सफाई

आकाश आनंद ने भी हाल में मायावती से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए दोबारा पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु बताते हुए कहा था कि वह बहुजन समाज पार्टी छोड़कर किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने वाले नहीं हैं। उन्होंने अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ मायावती के फैसले का समर्थन करते हुए कहा था कि संगठन और पार्टी का मिशन निजी रिश्तों से ऊपर है...

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  • October 6, 2026 2:35 pm IST, Published 1 hour ago

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद की दोबारा वापसी और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी प्रमुख मायावती ने उनके निष्कासन को लेकर मीडिया में चल रही चर्चाओं पर सफाई दी है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को बार-बार पार्टी से निकाले जाने की बात को जिस तरह पेश किया गया, उसमें पूरे घटनाक्रम और उसके कारणों को सामने नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि आकाश के मामले को समझने के लिए उनके राजनीतिक सफर और उस दौरान सामने आई परिस्थितियों को भी देखना जरूरी है।

मायावती के मुताबिक, शादी से पहले आकाश आनंद पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय थे और उस समय उनके काम को लेकर उन्हें किसी तरह की शिकायत का सामना नहीं करना पड़ा था। बाद में उनके व्यवहार और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर परिस्थितियां बदलीं। मायावती ने कहा कि पार्टी संगठन और आंदोलन के हित में उन्हें कुछ मौकों पर आकाश से जुड़ी जिम्मेदारियों में बदलाव करना पड़ा और उन्हें अलग भी किया गया। गलती का एहसास होने और स्थिति में सुधार दिखने के बाद उन्हें दोबारा जिम्मेदारी दी गई।

आकाश आनंद को लेकर मायावती की यह सफाई ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ वर्षों में उनके राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, फिर संगठन से अलग किया गया और बाद में दोबारा वापस लाया गया। हालिया घटनाक्रम में सितंबर में उन्हें पार्टी से बाहर करने के बाद अब अक्टूबर में उनकी वापसी हुई है और उन्हें फिर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी गई। मायावती ने इस फैसले को पार्टी और आंदोलन के हित में लिया गया निर्णय बताया है।

मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने अपने निजी स्वार्थ के लिए आकाश की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि यह मायावती की ओर से लगाया गया आरोप है और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से अलग होने के बाद आकाश के व्यवहार और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिला है। इससे उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में पार्टी को इस तरह के संगठनात्मक फैसले बार-बार नहीं लेने पड़ेंगे।

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आकाश आनंद ने भी हाल में मायावती से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए दोबारा पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु बताते हुए कहा था कि वह बहुजन समाज पार्टी छोड़कर किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने वाले नहीं हैं। उन्होंने अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ मायावती के फैसले का समर्थन करते हुए कहा था कि संगठन और पार्टी का मिशन निजी रिश्तों से ऊपर है। आकाश ने यह भी कहा था कि उस समय सोशल मीडिया से दूरी के कारण उनकी चुप्पी को गलत तरीके से समझा गया और इससे पैदा हुई गलतफहमियों के लिए वह माफी मांगते हैं।

मायावती ने अब आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में आकाश को दोबारा मौका संगठन और आंदोलन के हित को ध्यान में रखकर दिया गया है। पार्टी के भीतर से मिले फीडबैक और आकाश की ओर से व्यक्त किए गए पश्चाताप को भी निर्णय का आधार बताया गया है।

बसपा प्रमुख की सफाई का संदेश यह है कि आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में हुए संगठनात्मक बदलावों को केवल निष्कासन की संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। मायावती ने मीडिया से पूरे संदर्भ और घटनाक्रम को सामने रखने की अपील की है। आकाश की वापसी के बाद अब उनकी भूमिका और कार्यशैली पर पार्टी नेतृत्व की नजर रहेगी। आने वाले समय में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वह संगठन में मिली जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और पार्टी की गतिविधियों में उनका योगदान किस रूप में सामने आता है।

 

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