गाजियाबाद। डूब क्षेत्र में वर्षों से वैध बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है। शासन ने गाजियाबाद और नोएडा के चिन्हित डूब क्षेत्र में बचे 13,150 घरों को अस्थायी बिजली कनेक्शन देने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए विद्युत ढांचे के विस्तार पर करीब 27.25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शासन के निर्देश के अनुसार, नोएडा के खंड प्रथम और गाजियाबाद के खंड पंचम व अष्टम में कुल 18,650 मकान चिन्हित किए गए हैं। इनमें करीब 5,500 घरों में पहले से बिजली कनेक्शन मौजूद हैं, जबकि 13,150 घरों को अब अस्थायी कनेक्शन दिया जाना प्रस्तावित है।
सबसे अधिक 10 हजार कनेक्शन नोएडा खंड प्रथम के छिजारसी, चोटपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिए जाएंगे। यहां करीब 14 हजार मकान चिन्हित हैं, जिनमें 4 हजार घरों में पहले से बिजली कनेक्शन है।
वहीं, गाजियाबाद खंड अष्टम के कनावनी क्षेत्र में करीब 3 हजार और खंड पंचम के शिव विहार में 150 घरों को अस्थायी बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।
विद्युत ढांचे के विस्तार के लिए नोएडा खंड प्रथम में करीब 22 करोड़ रुपये, गाजियाबाद खंड पंचम में 25 लाख रुपये और खंड अष्टम में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
डूब क्षेत्र में करीब 14 वर्षों से विद्युत तंत्र में सुधार संबंधी काम प्रभावित रहा है। इसके चलते कई इलाकों में जर्जर विद्युत व्यवस्था, बिजली चोरी और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। अब विद्युत ढांचे का विस्तार कर इन क्षेत्रों में वैध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, वैध कनेक्शन मिलने से कटिया और बिजली लेने के अन्य अवैध तरीकों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी बिजली कनेक्शन को जमीन के मालिकाना हक, कब्जे या निर्माण की वैधता का प्रमाण नहीं माना जाएगा। कनेक्शन के लिए आवेदक को आधार कार्ड, फोटो, भवन की जियो-टैग्ड फोटो और निर्धारित घोषणा प्रस्तुत करनी होगी।
इसके अलावा मीटर और सर्विस केबल समेत निर्धारित शुल्क भी आवेदक को देना होगा। भविष्य में सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी निर्माण को हटाने का आदेश दिए जाने पर संबंधित बिजली कनेक्शन भी काटा जा सकेगा।
अधीक्षण अभियंता, जोन-प्रथम अनिल कुमार सिंह के अनुसार, शासन के निर्देशों के तहत निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराने के बाद पात्र आवेदकों को अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।