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सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को घेरा, राहुल गांधी के चुनावी रिकॉर्ड पर साधा निशाना

बीजेपी सांसद ने कांग्रेस के नेतृत्व और उसकी राजनीतिक दिशा पर हमला जारी रखते हुए कहा कि विपक्षी दल को अपनी रणनीति और संगठनात्मक प्राथमिकताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी को चुनावी सफलता हासिल करने के लिए अपनी कार्यशैली में बदलाव करने की जरूरत है...

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  • October 23, 2026 12:49 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा और उनके नेतृत्व को लेकर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति, चुनावी प्रदर्शन और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस बेचैन है और पार्टी के भीतर नेतृत्व तथा भविष्य की रणनीति को लेकर स्पष्टता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी कई टिप्पणियां कीं और कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है।

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है और उनके सार्वजनिक बयानों तथा राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, राहुल गांधी की यात्रा के उद्देश्य और उनके कार्यक्रम को लेकर बीजेपी सांसद की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख किया, जब कांग्रेस की सीटों की संख्या 50 से नीचे रह गई थी।

बीजेपी सांसद ने कहा कि युवा नेता के तौर पर राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने कई तरह के राजनीतिक प्रयोग किए, लेकिन पार्टी को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की रणनीति पर भी सवाल उठाए। बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी समय-समय पर ऐसे दावे करते हैं, जिनमें विरोधाभास दिखाई देता है। त्रिवेदी ने चुनाव आयोग, सरकारी अधिकारियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े उनके कथित बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की बातों से पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस राहुल गांधी के बयानों और राजनीतिक दिशा पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास को भी अपने हमले का हिस्सा बनाया। उन्होंने देश के विभाजन के दौर, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल और कांग्रेस के आंतरिक राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल और कांग्रेस में हुए विभाजन पर टिप्पणी की। बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई मौकों पर राजनीतिक सत्ता को प्राथमिकता दी। ये टिप्पणियां कांग्रेस के इतिहास और नेतृत्व को लेकर बीजेपी की राजनीतिक आलोचना का हिस्सा रहीं।

सुधांशु त्रिवेदी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उस घटना को देश के इतिहास में गंभीरता से याद किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के प्रस्तावित राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पार्टी अपने अतीत से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त जवाबदेही नहीं दिखाती। 1984 की हिंसा में बड़ी संख्या में सिखों की जान गई थी और इस घटना को लेकर कांग्रेस की भूमिका लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है।

बीजेपी सांसद ने कांग्रेस के नेतृत्व और उसकी राजनीतिक दिशा पर हमला जारी रखते हुए कहा कि विपक्षी दल को अपनी रणनीति और संगठनात्मक प्राथमिकताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी को चुनावी सफलता हासिल करने के लिए अपनी कार्यशैली में बदलाव करने की जरूरत है। राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सुधांशु त्रिवेदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। बीजेपी ने जहां कांग्रेस के नेतृत्व और उसके पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं, वहीं इन आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस बहस को आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल, यह मामला दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बना हुआ है।

 

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