उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक दर्दनाक हादसे में होटल का चैंबर साफ करने उतरे चार लोगों की मौत हो गई। हादसा उज्जैन-देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में हुआ। बताया जा रहा है कि रात के समय चार सफाईकर्मी होटल का ओवरग्राउंड चैंबर साफ करने के लिए अंदर उतरे थे। इस दौरान एक के बाद एक चारों चैंबर में फंसते चले गए। उन्हें बचाने के लिए अंदर पहुंचे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर दो मिनट से अधिक समय तक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, चैंबर का गेट खोलने में बचाव दल को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटर मशीन मंगवाई। इसकी मदद से चैंबर का गेट काटा गया और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया।
चैंबर के अंदर फर्श पर काफी फिसलन थी, जिससे बचाव कार्य में भी मुश्किलें आईं। पुलिस और रेस्क्यू टीम को चारों लोगों को बाहर निकालने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा।
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कमलेश तंबोली, नितिन वाहिद और मनोज मीणा के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वहीं, चैंबर में फंसे लोगों को बचाने के लिए अंदर उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रेस्क्यू अभियान के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
हादसे के दौरान हेमराज नाम का पांचवां सफाईकर्मी भी चैंबर के अंदर गया था। हालांकि, कुछ देर बाद उसे घबराहट और बेहोशी जैसा महसूस होने लगा। इसके बाद वह किसी तरह बाहर निकल आया। इसके बाद चैंबर में फंसे चार लोगों को बचाने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घटना की जानकारी मिलने पर एसपी शर्मा भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू टीम को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बंद चैंबर और सीवर जैसी जगहों पर सफाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसी जगहों पर जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की कमी के कारण कुछ ही समय में जानलेवा स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बंद चैंबर में उतरने से पहले गैस की जांच, ऑक्सीजन की उपलब्धता, वेंटिलेशन और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का इंतजाम बेहद जरूरी है। बिना सुरक्षा उपकरणों के किसी व्यक्ति को बचाने के लिए चैंबर में उतरना भी जानलेवा साबित हो सकता है।
उज्जैन की इस घटना ने सफाईकर्मियों की सुरक्षा और काम के दौरान जरूरी सावधानियों को लेकर एक बार फिर प्रशासन और संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।